Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर बिहार में एक बार फिर मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली है। बुधवार सुबह से ही मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में बादलों और धूप के बीच लुका-छिपी चलती रही, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान में घने काले बादल छा गए और कई इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बेमौसम की इस बरसात ने उन किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है जो इस वक्त अपनी गेहूं की तैयार फसल की कटाई और उसे समेटने में जुटे थे।
खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल: किसान परेशान
गेहूं की कटाई के पीक सीजन में हुई इस बारिश ने किसानों के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है।
क्वालिटी पर असर: बारिश के कारण गेहूं की चमक और दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने का डर है।
कटाई रुकी: गीले खेतों की वजह से हार्वेस्टर और मजदूरों द्वारा की जा रही कटाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है।
पहले की मार: किसानों का कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश और हवा से फसल पहले ही गिर चुकी थी, अब इस ताजा बारिश ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है।
अगले 48 घंटों के लिए 'येलो' अलर्ट: ओलावृष्टि की आशंका
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अभी मौसम और बिगड़ेगा:
पूर्वानुमान: गुरुवार और शुक्रवार को उत्तर बिहार के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
ओलावृष्टि (Hailstorm): विभाग ने कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना जताई है, जो फसलों के लिए 'डेथ वारंट' साबित हो सकता है।
तेज हवा: 22 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं गिर चुकी फसल में सड़न पैदा कर सकती हैं।
तापमान का मिजाज
| विवरण | संभावित सीमा |
|---|---|
| अधिकतम तापमान | 32°C से 35°C |
| न्यूनतम तापमान | 18°C से 20°C |
कृषि विशेषज्ञों की जरूरी सलाह
संकट को देखते हुए मौसम विभाग और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एडवायजरी जारी की है:
कटाई और भंडारण: जिन किसानों की फसल कट चुकी है, वे उसे तुरंत तिरपाल से ढकें या ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं।
छिड़काव रोकें: अगले दो दिनों तक किसी भी फसल में कीटनाशकों का छिड़काव न करें, क्योंकि बारिश से दवा बह जाएगी।
मूंग और उरद: गरमा मूंग और उरद की बुआई की तैयारी कर रहे किसान बारिश के बाद नमी का लाभ उठाकर बुआई पूरी करें।
कीट निगरानी: प्याज की खेती करने वाले किसान 'थ्रिप्स' कीट पर नजर रखें, क्योंकि नमी वाला मौसम इनके लिए अनुकूल होता है।
मुजफ्फरपुर में मंगलवार को जहाँ लोग 34.5 डिग्री की तपिश और धूल भरी आंधी से परेशान थे, वहीं बुधवार की इस बारिश ने तापमान तो गिरा दिया है, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं।




