Prabhat Vaibhav, Digital Desk : बिहार की सियासत में हुए ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब उम्मीदों का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही जहां एक ओर बधाइयों का तांता लगा है, वहीं दूसरी ओर भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने प्रदेश के विकास और युवाओं के हित में मुख्यमंत्री के सामने 7 प्रमुख मांगें रख दी हैं।
खेसारी लाल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए एक विस्तृत पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने राज्य की ज्वलंत समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
खेसारी लाल यादव की 7 सूत्रीय मांगें:
सूखे नशे पर नकेल: खेसारी ने मांग की है कि बिहार में 'वायरस' की तरह फैल रहे सूखे नशे (Drugs) के कारोबार पर तत्काल और पूर्णतः रोक लगाई जाए, ताकि युवा पीढ़ी को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
पेपर लीक पर कड़ा कानून: परीक्षाओं में होने वाली धांधली और बार-बार होने वाले 'पेपर लीक' को रोकने के लिए राज्य में एक बेहद सख्त और प्रभावी कानून लागू किया जाए।
कोचिंग संस्थानों की निगरानी: छात्र हितों की रक्षा के लिए सभी निजी कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली और उनकी फीस संरचना की निगरानी हेतु एक विशेष कमेटी का गठन हो।
पलायन का स्थायी समाधान: रोजगार की तलाश में बिहार के युवाओं को दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, इसके लिए बिहार के भीतर ही औद्योगिक और रोजगार के अवसरों का ठोस समाधान निकाला जाए।
प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी पर रोक: निजी अस्पतालों की बढ़ती मनमानी और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा की जा रही धांधली को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं ताकि आम आदमी का शोषण न हो।
पर्यटन को बढ़ावा: राज्य में ईको-टूरिज्म, धार्मिक और फूड टूरिज्म को जमीनी स्तर पर विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
भोजपुरी को संवैधानिक दर्जा: भोजपुरी सुपरस्टार ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे केंद्र सरकार से पैरवी कर भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करवाकर उसे संवैधानिक दर्जा दिलाएं।
"बिहार का विकास दिन दूना, रात चौगुना हो"
खेसारी लाल यादव ने अपनी पोस्ट में सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर अटूट विश्वास जताते हुए लिखा, "आदरणीय सम्राट चौधरी जी को ढेरों शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके कुशल नेतृत्व में बिहार का विकास दिन दूना रात चौगुना होगा।"
खेसारी के इन सुझावों को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और नई सरकार युवाओं व भाषा से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों को कितनी प्राथमिकता देती है।




