Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मसूरी आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। 'पहाड़ों की रानी' पर बढ़ते पर्यटन के दबाव और सिमटते खुले स्थानों के बीच, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने शहर को एक नया 'फेफड़ा' देने की तैयारी पूरी कर ली है। हुसैनगंज क्षेत्र में 15.5 एकड़ भूमि पर एक विशाल प्रकृति उद्यान (Nature Park) विकसित किया जाएगा, जो न केवल मनोरंजन का केंद्र होगा, बल्कि मसूरी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
प्रकृति से बिना समझौता किए 'ईको-फ्रेंडली' विकास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) बनाया जाएगा।
न्यूनतम कंक्रीट: एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में न्यूनतम कंक्रीट और अधिकतम स्थानीय सामग्री का उपयोग होगा।
प्राकृतिक ढलान: पार्क की रूपरेखा मौजूदा पेड़ों, प्राकृतिक ढलानों और स्थानीय वनस्पतियों को संरक्षित रखते हुए तैयार की गई है।
मल्टी-पर्पज पार्क: योग से लेकर एडवेंचर तक
यह नेचर पार्क हर आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इसमें मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार होंगी:
जलाशय और वन पथ: पार्क के भीतर एक कृत्रिम पहाड़ी जलाशय और घने पेड़ों के बीच पैदल चलने के लिए 'वन पथ' बनाया जाएगा।
बाल उद्यान और एडवेंचर जोन: बच्चों के लिए विशेष खेल क्षेत्र और युवाओं के लिए साहसिक गतिविधियों (Adventure Activities) का क्षेत्र होगा।
योग और सुकून: सुबह की सैर के लिए योग पथ, बैठने के लिए गजीबो और प्रकृति के बीच ठहरने की सुव्यवस्थित व्यवस्था होगी।
सांस्कृतिक संग्रहालय: एक छोटा संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा, जो आगंतुकों को मसूरी की समृद्ध विरासत और स्थानीय परंपराओं से रूबरू कराएगा।
[Image Concept: A lush green eco-park in a hilly terrain with walking trails and a small water body]
क्यों जरूरी है यह परियोजना?
मसूरी में अक्सर पर्यटकों को भीड़भाड़ का सामना करना पड़ता है और खुले सार्वजनिक स्थलों की कमी महसूस होती है। यह उद्यान:
शहर के भीतर एक 'ग्रीन बफर' का काम करेगा।
पर्यटन के दबाव को मुख्य माल रोड से अन्य क्षेत्रों की ओर मोड़ने में मदद करेगा।
स्थानीय जैव विविधता (Biodiversity) के संरक्षण को बढ़ावा देगा।
अधिकारी का कथन
"मसूरी को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में यह परियोजना मील का पत्थर है। हमारा उद्देश्य केवल एक मनोरंजन केंद्र बनाना नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति से जोड़ना और पहाड़ी भूगोल को सुरक्षित रखना है।" - बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष MDDA




