Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पंजाब की राजनीति में शुक्रवार की सुबह भारी गहमागहमी के साथ शुरू हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने तड़के ही प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के लुधियाना स्थित आवास पर दस्तक दी। कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन के मामले में यह कार्रवाई की जा रही है। लुधियाना के पॉश इलाके में स्थित मंत्री के आवास के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सघन जांच
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी के अधिकारी मंत्री के घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, बैंक खातों के विवरण और लैपटॉप-मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सघन जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कुछ पुराने रियल एस्टेट सौदों और औद्योगिक भूखंडों के हस्तांतरण में हुई कथित धांधली से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर जांच एजेंसी ने अभी तक जब्त किए गए सामान या आरोपों का पूरा विवरण साझा नहीं किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का पलटवार: 'विपक्ष को डराने की साजिश'
इस छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। सीएम मान ने कहा, "यह सिर्फ विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने की राजनीति है। केंद्र की भाजपा सरकार ईडी और अन्य जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर अभी से पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी शुरू कर दी है।"
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए आगे कहा कि जो नेता भाजपा के सामने झुक जाते हैं, वे 'दूध के धुले' हो जाते हैं, लेकिन जो लड़ते हैं, उन्हें दागी बताकर परेशान किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इन हथकंडों से डरने वाली नहीं है।
राजनीतिक हलकों में मची हलचल
संजीव अरोड़ा, जिन्हें मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता है, के घर पर हुई इस कार्रवाई ने विपक्षी दलों को भी बोलने का मौका दे दिया है। जहां कांग्रेस और अन्य दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं सत्ताधारी आम आदमी पार्टी इसे पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) करार दे रही है। फिलहाल ईडी की टीम घर के अंदर मौजूद है और जांच जारी है।




