Prabhat Vaibhav, Digital Desk : बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (National Executive) का औपचारिक ऐलान कर दिया है। 24 सदस्यीय इस नई टीम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनुभव और वफादारी पर भरोसा जताते हुए 'सोशल इंजीनियरिंग' का खास ख्याल रखा है। जहां नीतीश कुमार बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष कमान संभालेंगे, वहीं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है, जो संगठन में उनकी बढ़ती ताकत का संकेत है।
नीतीश के बेटे निशांत को लेकर अटकलों पर लगा विराम
इस नई सूची में सबसे चौंकाने वाला और चर्चा का विषय निशांत कुमार का नाम न होना है। पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं और उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, नई लिस्ट में उन्हें जगह न देकर नीतीश कुमार ने फिलहाल परिवारवाद के आरोपों से खुद को दूर रखने और कैडर बेस राजनीति को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।
जातीय और सामाजिक संतुलन पर विशेष फोकस
JDU की नई टीम में पिछड़े, अति पिछड़े और अल्पसंख्यकों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष: पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गोपालगंज के सांसद आलोक कुमार सुमन को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
महासचिवों की फौज: कुल 14 नेताओं को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें मनीष वर्मा, अशोक चौधरी, श्याम रजक, आफाक अहमद खां और रमेश सिंह कुशवाहा जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।
अल्पसंख्यक चेहरा: मौलाना गुलाम रसूल बलियावी और कहकशां परवीन को महासचिव बनाकर पार्टी ने अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
इन नेताओं को मिली सचिव और प्रवक्ता की जिम्मेदारी
राजीव रंजन प्रसाद को प्रवक्ता सह सचिव की दोहरी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सचिव पद पर रविंद्र प्रसाद सिंह, विद्यासागर निषाद, दयानंद राय और निवेदिता कुमारी सहित 7 नेताओं को मनोनीत किया गया है। पार्टी के जानकारों का मानना है कि यह नई टीम आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिसमें संजय झा को नीतीश कुमार के बाद नंबर-2 की हैसियत दी गई है।
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