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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : इन दिनों एक अजीब सा माहौल देखने को मिल रहा है—चाहे ऑफिस हो, स्कूल हो या पड़ोस, हर दूसरा व्यक्ति वायरल बुखार, उल्टी, दस्त या पेट दर्द की शिकायत कर रहा है। अस्पताल की ओपीडी (OPD) मरीजों से भरी पड़ी है। आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि एक साथ इतने सारे लोग बीमार पड़ने लगे?

ग्रेटर नोएडा के NIIMS मेडिकल कॉलेज के डॉ. सुमोल रत्ना ने इन बीमारियों के पीछे के 5 प्रमुख कारणों और उनसे बचने के सटीक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

बीमारियों के फैलने के 5 मुख्य कारण

1. मौसम का मिजाज और कमजोर इम्युनिटी

डॉ. सुमोल के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव (जैसे भीषण गर्मी के बाद हल्की बारिश या तापमान में उतार-चढ़ाव) शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। जब शरीर बाहरी वातावरण के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश करता है, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कुछ समय के लिए कमजोर हो जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया आसानी से हमला कर देते हैं।

2. दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन (Water-Borne Diseases)

गर्मियों और बदलते मौसम में पानी की पाइपलाइनों में गंदगी का मिलना या खुले में रखे पानी में कीटाणु पनपना आम है।

असर: दूषित पानी पीने या स्ट्रीट फूड खाने से पेट में संक्रमण (Infection) होता है, जो उल्टी और दस्त का कारण बनता है।

3. वायरल इन्फेक्शन का 'चेन रिएक्शन'

मेट्रो, ऑफिस और स्कूलों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर वायरल लोड बहुत ज्यादा होता है। यदि एक व्यक्ति संक्रमित है, तो उसके खांसने, छींकने या हाथ मिलाने से वायरस तेजी से फैलता है। यही कारण है कि घर का एक सदस्य बीमार होते ही पूरा परिवार इसकी चपेट में आ जाता है।

4. बिगड़ती जीवनशैली (Lifestyle Habits)

देर रात तक जागना, मोबाइल/लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग और समय पर भोजन न करना हमारे शरीर को अंदर से खोखला कर रहा है। नींद की कमी और तनाव सीधे हमारी इम्युनिटी पर हमला करते हैं, जिससे शरीर छोटी बीमारियों से भी नहीं लड़ पाता।

5. हाइजीन (साफ-सफाई) की कमी

खाना खाने से पहले हाथ न धोना या बाहर से आने के बाद खुद को साफ न करना कीटाणुओं को सीधा आमंत्रण है। वातावरण में बढ़ा प्रदूषण भी शरीर की मारक क्षमता को कम कर रहा है।

बचाव के लिए डॉक्टर के 4 'गोल्डन रूल्स'

अगर आप खुद को और अपने परिवार को इस 'बीमारी की लहर' से बचाना चाहते हैं, तो इन बातों का गांठ बांध लें:

पानी और खान-पान: हमेशा पानी को उबालकर या फिल्टर करके पिएं। बाहर का खुला खाना और कटे हुए फल खाने से बचें। ताजा और घर का बना भोजन ही सबसे उत्तम है।

व्यक्तिगत स्वच्छता: 'हैंड वॉश' को अपनी आदत बनाएं। बाहर से घर आने पर सबसे पहले हाथ-पैर धोएं और कपड़े बदलें।

इम्युनिटी बूस्टर: अपने आहार में मौसमी फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन शामिल करें। दिन भर में कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लें।

डॉक्टरी सलाह: यदि बुखार 100°F से ऊपर जाए या लगातार उल्टी-दस्त हो, तो खुद डॉक्टर न बनें (No Self-Medication)। एंटीबायोटिक्स का गलत इस्तेमाल स्थिति बिगाड़ सकता है। तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।