Prabhat Vaibhav, Digital Desk : संसद के विशेष सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। राहुल गांधी ने सदन में दो टूक कहा कि सरकार इस विधेयक की आड़ में देश का चुनावी मानचित्र बदलने की कोशिश कर रही है और यह कदम पूरी तरह से दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने इस विधेयक को 'राष्ट्रविरोधी' करार देते हुए कहा कि विपक्ष सरकार को अपनी सत्ता हथियाने की इस साजिश में सफल नहीं होने देगा।
'दलितों को हिंदू कहते हैं, पर हक नहीं देते'—राहुल गांधी
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए दलितों और पिछड़ों को हिंदू कहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अधिकारों की बात आती है, तो ये वर्ग पीछे क्यों रह जाते हैं? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार दलितों और आदिवासियों की भागीदारी को लगातार कम कर रही है और यह विधेयक उस प्रक्रिया को और तेज कर देगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी सत्ता खोने का डर सता रहा है, इसलिए वह चुनावी गणित बिगाड़ने के लिए ऐसे कदम उठा रही है।
चुनावी मानचित्र बदलने की कोशिश: असम और कश्मीर का दिया हवाला
राहुल गांधी ने अपनी चर्चा के दौरान बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह विधेयक महिला सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के जरिए सत्ता पर कब्जा करने के लिए है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "जो काम असम और जम्मू-कश्मीर में (परिसीमन के जरिए) किया गया, अब सरकार वही प्रयोग पूरे देश में दोहराना चाहती है। यह दक्षिण और उत्तर भारत के बीच भेदभाव पैदा करने की कोशिश है। हम इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।"
'सेना और नागरिकों के पीछे न छुपें'—विपक्ष का पलटवार
भाजपा पर कड़ा रुख अपनाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सत्तापक्ष के भीतर यह भ्रम है कि वे ही भारत के एकमात्र प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा सोचती है कि वे ही सेना हैं और वे ही भारत हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि आप केवल एक राजनीतिक दल हैं। अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कायरों की तरह भारतीय नागरिकों और सशस्त्र बलों के पीछे छिपने की कोशिश मत करो।" राहुल ने साफ किया कि विपक्ष का हमला भाजपा की नीतियों पर है, न कि देश की संस्थाओं पर।
हरिवंश नारायण सिंह फिर बने राज्यसभा के उपसभापति
हंगामे के बीच संसदीय प्रक्रियाएं भी जारी रहीं। हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार राज्यसभा का उपसभापति चुना गया। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने उन्हें बधाई दी। हालांकि, सदन की कार्यवाही में मुख्य मुद्दा परिसीमन विधेयक ही रहा, जिस पर मतदान आज शाम 4:00 बजे होना तय है। सरकार जहां इसे जरूरी बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे 'लोकतंत्र के लिए खतरा' बताया है।




