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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : कश्मीर के बागवानों और दिल्ली के फल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली (आदर्श नगर) और मध्य कश्मीर के बडगाम के बीच एक विशेष पार्सल ट्रेन सेवा शुरू की है। 17 अप्रैल से नियमित रूप से शुरू हुई यह सेवा न केवल कश्मीरी फलों को एक नया बाजार देगी, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी सकारात्मक असर डाल सकती है।

'रैपिड कार्गो सेवा': ट्रकों का झंझट खत्म, 24 घंटे में पहुंचेगा माल

इस नई सेवा को "संयुक्त पार्सल उत्पाद-रैपिड कार्गो सेवा" (JPP-RCS) नाम दिया गया है। पहले कश्मीरी सेब और चेरी को ट्रकों के जरिए दिल्ली लाने में कई दिन लग जाते थे, जिससे फलों की ताजगी कम हो जाती थी और लागत भी बढ़ जाती थी।

समय की बचत: यह ट्रेन बडगाम से दिल्ली की दूरी मात्र 23 से 24 घंटे में पूरी कर लेगी।

रूट और स्टॉपेज: यह ट्रेन रास्ते में अंबाला कैंट और बारी ब्राह्मणा (जम्मू) स्टेशनों पर भी रुकेगी, जिससे अन्य स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ होगा।

ट्रायल पीरियड: फिलहाल यह ट्रेन 31 मई 2026 तक परीक्षण (Trial) के तौर पर चलाई जा रही है। यदि व्यापारियों का प्रतिसाद अच्छा रहा, तो इसे स्थायी कर दिया जाएगा।

क्या वाकई सस्ते होंगे सेब और चेरी?

हाँ, इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं जो उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएंगे:

परिवहन लागत में कमी: रेल द्वारा माल भेजना सड़क परिवहन (ट्रक) की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है। जब ट्रांसपोर्टेशन की लागत घटेगी, तो बाजार में फलों की अंतिम कीमत में भी गिरावट आने की पूरी संभावना है।

ताजगी और गुणवत्ता: चेरी जैसे फल बहुत जल्दी खराब हो जाते हैं। ट्रेन की तेज गति के कारण ये फल 'ताजी' अवस्था में मंडी पहुंचेंगे। खराब होने वाले फलों का नुकसान (Wastage) कम होगा, जिससे कीमतें स्थिर रहेंगी।

बिचौलियों पर लगाम: सीधी रेल कनेक्टिविटी से किसान और बड़े व्यापारी सीधे दिल्ली की मंडियों से जुड़ सकेंगे, जिससे बीच की कड़ियों की लागत कम होगी।

ट्रेन का समय (Timetable)

ट्रेन संख्याप्रस्थान (Station)समयआगमन (Station)समय
00462बडगामसुबह 06:15दिल्लीअगले दिन सुबह 05:00
00461दिल्लीसुबह 05:00बडगामअगले दिन सुबह 10:45

व्यापारियों और किसानों के लिए वरदान

कश्मीर के हस्तशिल्प (Handicraft) और फल उत्पादकों के लिए यह एक 'लाइफलाइन' साबित हो सकती है। विशेषकर चेरी का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में यह रैपिड कार्गो सेवा किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने में मदद करेगी।