Prabhat Vaibhav, Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) अपने 12 साल के इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक भूचाल का सामना कर रही है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नेतृत्व में पार्टी के भीतर हुई इस बड़ी टूट ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक की सियासत में खलबली मचा दी है। राघव चड्ढा ने दावा किया है कि राज्यसभा के दो-तिहाई सांसद पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय करेंगे। इस ऐतिहासिक विभाजन के बीच यह जानना जरूरी है कि आखिर 'आप' के वे 10 चेहरे कौन हैं जो उच्च सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनमें से कौन बागी हो चुके हैं।
आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों की पूरी सूची
वर्तमान में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की एक मजबूत उपस्थिति है, जिसमें अधिकांश सदस्य दिल्ली और पंजाब से चुनकर आए हैं:
संजय सिंह: पार्टी के सबसे मुखर चेहरे और वरिष्ठ नेता।
एन.डी. गुप्ता: पार्टी के पुराने सिपाही और आर्थिक मामलों के जानकार।
राघव चड्ढा: (बागी) 2012 से पार्टी से जुड़े, पंजाब से सांसद।
संदीप पाठक: (बागी) पार्टी के रणनीतिकार और संगठन महासचिव।
अशोक मित्तल: (बागी) लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और पंजाब से सांसद।
स्वाति मालीवाल: दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष।
हरभजन सिंह: पूर्व दिग्गज क्रिकेटर, जो 2022 में राज्यसभा पहुंचे।
बलबीर सिंह सीचेवाल: पर्यावरणविद और पंजाब के प्रमुख सामाजिक चेहरे।
विक्रमजीत सिंह साहनी: प्रसिद्ध व्यवसायी और सामाजिक कार्यकर्ता।
राजिंदर गुप्ता: ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक और पंजाब से सांसद।
राघव चड्ढा समेत इन 3 बड़े नामों ने छोड़ी पार्टी
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने का एलान किया। राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "आम आदमी पार्टी अब देश के हितों के बजाय निजी फायदों के लिए काम कर रही है।" राघव चड्ढा का जाना पार्टी के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि वे स्थापना काल से ही अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद रहे हैं।
2022 का 'बैच' बना पार्टी की कमजोरी?
गौर करने वाली बात यह है कि बगावत की सुर उन चेहरों में ज्यादा दिख रहे हैं जो वर्ष 2022 में राज्यसभा भेजे गए थे। स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज 2022 में ही उच्च सदन पहुंचे थे। हालांकि स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह ने फिलहाल अपने रुख को लेकर संशय बरकरार रखा है, लेकिन राघव चड्ढा के दावे के अनुसार पार्टी के दो-तिहाई सांसद पाला बदलने की तैयारी में हैं।
संजय सिंह और एन.डी. गुप्ता पर टिकीं निगाहें
पार्टी में इस टूट के बाद अब सारा दारोमदार संजय सिंह और एन.डी. गुप्ता जैसे पुराने दिग्गजों पर है। जहां एक तरफ राघव चड्ढा इसे पार्टी की नीतियों से नाराजगी बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 'आप' नेतृत्व इसे भाजपा की साजिश करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा में 'आप' के कुनबे में कितने सदस्य शेष बचते हैं।
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