Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। पार्टी हाईकमान ने अचानक बड़ा फेरबदल करते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में 'उपनेता' के पद से कार्यमुक्त कर दिया है। उनकी जगह अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सांसद अशोक कुमार मित्तल को सौंपी गई है। पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा की पहली सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर नई चर्चा छेड़ दी है।
'बुरी नजर' वाले इमोजी के साथ चड्ढा का पलटवार
पद जाने के ठीक बाद राघव चड्ढा ने अपने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में उन्होंने किसी विवाद पर सीधे बोलने के बजाय 'बुरी नजर' (Evil Eye) वाले इमोजी का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही उन्होंने 2 मिनट 45 सेकंड का एक वीडियो कोलाज शेयर किया है, जिसमें उनके द्वारा संसद में उठाए गए जनहित के मुद्दों की झलक दिखाई गई है। राजनीतिक गलियारों में इस 'इमोजी' के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
संसद में उठाए गए वो मुद्दे जो बने चड्ढा की पहचान
राघव चड्ढा द्वारा साझा किए गए वीडियो में उनके संसदीय कार्यकाल की उपलब्धियों को दिखाया गया है। इसमें उन्होंने मध्यम वर्ग पर टैक्स का बोझ, डेटा एक्सपायरी की समस्या, मोबाइल रिचार्ज का 28 दिन वाला 'घोटाला', पेपर लीक कांड, स्वास्थ्य बीमा पर GST और हवाई अड्डों पर महंगे खाने जैसे तीखे सवालों को प्रमुखता से पेश किया है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पद रहे न रहे, जनता की आवाज उठाना उनका संकल्प है।
अशोक मित्तल बोले- 'आज मैं हूँ, कल कोई और होगा'
आम आदमी पार्टी के नए उपनेता नियुक्त किए गए अशोक मित्तल ने इस बदलाव को पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया बताया है। मीडिया से बातचीत के दौरान मित्तल ने कहा, "यह पार्टी का एक रूटीन फैसला है। आज मुझे चुना गया है, कल कोई और होगा। राघव चड्ढा पार्टी के वरिष्ठ और सम्मानित सांसद हैं, मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है और हम मिलकर काम को आगे बढ़ाएंगे।" वहीं, पार्टी के कद्दावर नेता संजय सिंह ने इस पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भी औपचारिक जानकारी थी, वह राज्यसभा सचिवालय को दे दी गई है।
विधायक से सांसद तक का सफर
राघव चड्ढा का राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है। राज्यसभा पहुंचने से पहले वे दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक थे और दिल्ली जल बोर्ड के अहम सदस्य भी रहे। अप्रैल 2022 में वे पंजाब से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। हालांकि, अचानक उपनेता पद से उनकी छुट्टी होना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर पार्टी इसे रणनीतिक बदलाव बता रही है।




