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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : महिला आरक्षण बिल 2026 को लेकर देश की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बिल को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने इस बिल को पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ एक गहरा 'षड्यंत्र' करार देते हुए दावा किया कि भाजपा अब अपनी 'एक्सपायरी डेट' के करीब पहुंच चुकी है।

'PDA' के खिलाफ भाजपा का चक्रव्यूह: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मोर्चा खोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर लाया गया यह बिल असल में भाजपा के छलावे का एक 'काला दस्तावेज' है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए दलित और पिछड़े समाज की महिलाओं को शक्तिहीन करने के लिए एक राजनीतिक 'चक्रव्यूह' रच रही है। अखिलेश के मुताबिक, "जैसे-जैसे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की ताकत और एकजुटता बढ़ रही है, भाजपा अपनी खिसकती सत्ता को बचाने के लिए ऐसे जनविरोधी हथकंडे अपना रही है।"

दलित महिलाओं को कमजोर करने की साजिश?

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि बिना 'कोटा के भीतर कोटा' (पिछड़ी और दलित महिलाओं के लिए अलग आरक्षण) के यह बिल बेमानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा साफ नहीं है और यह बिल उनकी दमनकारी व सांप्रदायिक मानसिकता को दर्शाता है। सपा प्रमुख ने चेतावनी दी कि देश की जागरूक महिलाएं भाजपा की इस 'चालाक राजनीति' को समझ चुकी हैं और अब वे इनके झांसे में नहीं आने वालीं।

हार की हताशा में डूबी है सरकार: सपा प्रमुख

चुनावी तेवर दिखाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अब अपने अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा, "भाजपा अपनी हार की हताशा को छिपाने के लिए जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब उनका मुखौटा पूरी तरह उतर चुका है।" अखिलेश का मानना है कि यह बिल केवल चुनावी लाभ के लिए लाया गया है और इसमें सामाजिक न्याय की भावना का पूरी तरह अभाव है।

जातिगत जनगणना की मांग पर फिर अड़े अखिलेश

अखिलेश यादव ने एक बार फिर दोहराया कि जब तक जातिगत जनगणना नहीं होती और पिछड़ों की सही आबादी का पता नहीं चलता, तब तक इस तरह के आरक्षण बिल का कोई वास्तविक लाभ सबसे निचले पायदान पर बैठी महिला तक नहीं पहुंचेगा। उन्होंने इस बिल को 'जनविरोधी हथकंडा' बताते हुए आगामी चुनावों में जनता द्वारा इसका जवाब देने की बात कही।