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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का दिन सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए कार्यों का फल कभी 'क्षय' (खत्म) नहीं होता। यदि आप भी लंबे समय से आर्थिक तंगी या वैवाहिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो अक्षय तृतीया पर दिए गए इन विशेष उपायों को अपनाकर अपना भाग्य चमका सकते हैं।

अक्षय तृतीया 2026: तिथि और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि का आरंभ और समापन समय नीचे दिया गया है:

तृतीया तिथि शुरू: 19 अप्रैल 2026, रविवार सुबह 10:50 बजे से।

तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल 2026, सोमवार सुबह 07:20 बजे तक।

विशेष: शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया का मुख्य पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा।

आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष उपाय

1. मां लक्ष्मी की विशेष पूजा

अक्षय तृतीया के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।

गुलाब का अर्पण: पूजा के दौरान माता को ताजे लाल या गुलाबी गुलाब के फूल चढ़ाएं।

वस्त्र चयन: शुभ फल की प्राप्ति के लिए पूजा के समय स्वयं भी गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें।

मंत्र जाप: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस बीज मंत्र का जाप करें:

"ह्रीम का अल ह्रीम हस का हाला ह्रीम एस का ला ह्रीम"

2. घर का वास्तु और साफ-सफाई

माता लक्ष्मी का वास वहीं होता है जहां स्वच्छता होती है।

अलमारी की दिशा: धन में वृद्धि के लिए घर की तिजोरी या अलमारी को दक्षिण दिशा में रखें, जिससे उसका द्वार उत्तर की ओर खुले।

अनावश्यक सामान: घर से कबाड़ और फालतू चीजें हटा दें ताकि वास्तु दोष दूर हो सके।

3. मुख्य द्वार पर गणेश जी की स्थापना

जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए अक्षय तृतीया के दिन भगवान गणेश की मूर्ति घर लाना अत्यंत शुभ है। इसे घर के मुख्य द्वार पर स्थापित करें, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

4. सोना नहीं तो 'जौ' खरीदें

अक्षय तृतीया पर आभूषण खरीदना परंपरा है, लेकिन यदि आपकी आर्थिक स्थिति अनुमति नहीं देती, तो परेशान न हों। इस दिन जौ (Barley) खरीदना भी स्वर्ण खरीदने के समान शुभ माना जाता है। इससे घर में धन का प्रवाह बना रहता है।

वैवाहिक जीवन की समस्याओं का समाधान

यदि आपके वैवाहिक जीवन में तनाव या बाधाएं आ रही हैं, तो इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त रूप से पूजा करें। जगत के पालनहार की कृपा से वैवाहिक सुख में वृद्धि होती है और जीवन की सभी रुकावटें दूर हो जाती हैं।