Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की राजनीति के 'बाहुबली' कहे जाने वाले अनंत सिंह ने जेल से बाहर आते ही अपनी ताकत और रसूख का जोरदार प्रदर्शन किया है। मोकामा के नदवां गांव में आयोजित 'महादंगल' ने आज एक भव्य मेले का रूप ले लिया। पूर्व विधायक विवेका पहलवान (विवेक सिंह) की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कुश्ती प्रतियोगिता में केवल बिहार ही नहीं, बल्कि ईरान तक के पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया।
51 लाख की इनामी राशि और चांदी की गदा
इस महादंगल की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विजेता के लिए 51 लाख रुपये की भारी-भरकम इनामी राशि और एक भव्य चांदी की गदा की घोषणा की गई है।
इंटरनेशनल तड़का: ईरान से आए पहलवान जलाल इस दंगल के मुख्य आकर्षण रहे। जलाल एक साथ 5 पहलवानों से मुकाबला करने की चुनौती लेकर मैदान में उतरे।
विशेष ईनाम: जलाल को हराने वाले पहलवान के लिए 15 लाख रुपये का अलग से पुरस्कार रखा गया है, जिसने मुकाबले के रोमांच को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।
अखाड़े में 'छोटे सरकार' का वही पुराना अंदाज
हाल ही में पटना हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुए अनंत सिंह का यह पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन है।
देसी स्वैग: सिर पर साफा, कंधे पर गमछा और हाथ में हाथ मिलाते अनंत सिंह खुद अखाड़े की धूल में घूम-घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते दिखे। उनके साथ उनके बेटे अभिनव सिंह भी मौजूद रहे।
पावर शो: करीब 10 हजार से ज्यादा दर्शकों की भीड़ नदवां पहुंची। स्थानीय लोगों का कहना था कि वे कुश्ती से ज्यादा अपने 'छोटे सरकार' (अनंत सिंह) की एक झलक पाने आए हैं।
गुंजन सिंह के गानों पर थिरका मोकामा
भोजपुरी स्टार गुंजन सिंह ने मंच संभालते ही माहौल को और भी रंगीन कर दिया। जब अखाड़े में 'गमछा' वाला गाना बजा, तो खुद अनंत सिंह भी जोश में आ गए और हवा में गमछा लहराकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। पूरा अखाड़ा कुछ देर के लिए एक बड़े म्यूजिकल शो में तब्दील हो गया।
दुश्मनी का अंत और श्रद्धांजलि की नई कहानी
यह आयोजन विवेका पहलवान की याद में किया गया। गौरतलब है कि एक दौर में अनंत सिंह और विवेका पहलवान के बीच भीषण गैंगवार और गहरी दुश्मनी जगजाहिर थी। हालांकि, बाद के वर्षों में उनके रिश्ते सामान्य हो गए थे। आज उसी पुराने प्रतिद्वंद्वी की याद में इतना बड़ा आयोजन कर अनंत सिंह ने एक नया संदेश देने की कोशिश की है।
खास इंतजाम: मिट्टी से लेकर भोज तक
हाई-टेक अखाड़ा: पहलवानों को चोट न लगे, इसके लिए अखाड़े की मिट्टी को विशेष मशीनों से तैयार किया गया था।
शाही भोज: बाहर से आने वाले हजारों मेहमानों और दर्शकों के लिए भव्य भोज का इंतजाम किया गया, जिसकी कमान खुद अनंत सिंह की टीम संभाल रही थी।
जानकारों का मानना है कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और क्षेत्र में अपनी पकड़ को दोबारा साबित करने के लिए अनंत सिंह का एक बड़ा 'पावर शो' है।




