Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की सियासत में इस वक्त केवल एक ही सवाल गूंज रहा है— बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? सत्ता परिवर्तन की आहट के बीच राजधानी पटना पूरी तरह से छावनी में तब्दील हो गई है। 15 अप्रैल को होने वाले संभावित शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। इस कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इसमें शामिल होने की प्रबल संभावना है, जिसे लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
15 अप्रैल को राजतिलक, एयरपोर्ट से लोकभवन तक बैरिकेडिंग
पटना में सियासी हलचल के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी भी सुपर एक्टिव मोड में है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने खुद लोकभवन पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी (VVIP) मेहमानों के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट से लेकर लोकभवन तक सड़क के दोनों ओर मजबूत बैरिकेडिंग की जा रही है। सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।
सीएम आवास पर बैठकों का दौर, मंत्रियों की लिस्ट पर मंथन
सत्ता के गलियारों में बैठकों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ लंबी मंत्रणा हुई। इसके तुरंत बाद मुलाकातों का दौर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर शिफ्ट हो गया, जहां केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और संजय झा ने मंत्रिमंडल के नए स्वरूप पर चर्चा की। मंत्री जमा खान के संकेतों ने साफ कर दिया है कि 14 अप्रैल को कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
विधायक दल की बैठक में लगेगा नाम पर मुहर, शिवराज सिंह चौहान रहेंगे मौजूद
सस्पेंस खत्म करने के लिए 14 अप्रैल की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है। मंगलवार को भाजपा और जेडीयू विधायक दल की अलग-अलग बैठकें बुलाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में विधायक दल के नेता का चुनाव होगा। इसी बैठक में तय हो जाएगा कि एनडीए (NDA) की ओर से बिहार की कमान किसके हाथों में सौंपी जाएगी।
नीतीश युग के बाद नई पॉलिटिक्स की शुरुआत
राजनीतिक विश्लेषक इसे बिहार के लिए एक 'टर्निंग पॉइंट' मान रहे हैं। जहां एक तरफ प्रशासन शपथ ग्रहण की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ सियासी गलियारों में नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। क्या भाजपा इस बार अपना मुख्यमंत्री बनाएगी या कोई नया चौंकाने वाला नाम सामने आएगा? इन सभी सवालों के जवाब अगले 24 से 48 घंटों में साफ हो जाएंगे।




