img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : नगर निगम बठिंडा की बहुप्रतीक्षित नई वार्डबंदी को आखिरकार अंतिम रूप दे दिया गया है। वार्डबंदी फाइनल होते ही नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवार अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं।

नई वार्डबंदी में कई वार्डों की सीमाएं बदली गई हैं, कुछ वार्डों का पुनर्गठन किया गया है, जबकि कुछ में नए इलाकों को शामिल किया गया है। इसके चलते मौजूदा पार्षदों और नए दावेदारों को अब नई रणनीति तैयार करनी होगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार वार्ड सीमाएं तय करते समय जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और विकास स्तर को ध्यान में रखा गया है, ताकि प्रत्येक वार्ड में मतदाताओं की संख्या लगभग समान रहे।

मौजूदा पार्षदों और नए उम्मीदवारों पर असर

वार्डबंदी का सबसे अधिक असर मौजूदा पार्षदों पर पड़ा है। कई पारंपरिक क्षेत्र अब उनके वार्ड में नहीं हैं, जबकि कुछ को नए इलाकों से जोड़ दिया गया है, जहाँ उनकी पकड़ कमजोर मानी जाती है। ऐसे में पुराने समीकरण बदल गए हैं। कई पार्षद अब नए मतदाताओं से संपर्क साधने में जुटे हैं।

वहीं, नए उम्मीदवारों के लिए यह एक अवसर भी है। नए वार्डों में शामिल इलाकों से स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग और युवा नेता चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अभी से पार्टी टिकट की तैयारी में लगे हैं।

राजनीतिक गतिविधियां और तैयारियां

राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ और विपक्षी दल वार्डवार रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। पार्टी नेता संभावित उम्मीदवारों की सूची बना रहे हैं और नई वार्डबंदी के बदलावों का आकलन कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कई वार्डों में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

स्थानीय लोग नई वार्डबंदी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ का कहना है कि बदलाव से विकास में संतुलन आएगा और उपेक्षित इलाकों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। वहीं, कुछ लोग मानते हैं कि नए वार्डों में प्रशासनिक और सामाजिक तालमेल बनाना चुनौतीपूर्ण होगा।

निगम अधिकारियों का कहना है कि वार्डबंदी नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है। आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने के बाद ही इसे फाइनल किया गया। अब चुनाव आयोग के निर्देशानुसार आगामी नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी और चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू होगी।

पुराने चेहरे और नए दावेदार

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार नगर निगम चुनाव पहले से अधिक रोचक होंगे। नई वार्डबंदी के कारण कई पुराने चेहरे नए वार्डों से चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि कुछ पार्षद पुराने प्रभाव वाले इलाकों से बाहर हो गए हैं। नए उम्मीदवारों के लिए जनता के बीच अपनी पहचान बनाने का यह सही समय माना जा रहा है।

आरक्षित वार्डों की सूची

वार्ड 1 – महिला

वार्ड 2 – सामान्य

वार्ड 3 – महिला

वार्ड 4 – सामान्य

वार्ड 5 – महिला

वार्ड 6 – सामान्य

वार्ड 7 – महिला

वार्ड 8 – सामान्य

वार्ड 9 – महिला

वार्ड 10 – अनुसूचित जाति

वार्ड 11 – महिला

वार्ड 12 – ओबीसी

वार्ड 13 – महिला

वार्ड 14 – सामान्य

वार्ड 15 – एससी महिला

वार्ड 16 – सामान्य

वार्ड 17 – महिला

वार्ड 18 – सामान्य

वार्ड 19 – एससी

वार्ड 20 – सामान्य

वार्ड 21 – महिला

वार्ड 22 – सामान्य

वार्ड 23 – महिला

वार्ड 24 – एससी

वार्ड 25 – एससी महिला

वार्ड 26 – एससी

वार्ड 27 – महिला

वार्ड 28 – एससी

वार्ड 29 – महिला

वार्ड 30 – सामान्य

वार्ड 31 – महिला

वार्ड 32 – सामान्य

वार्ड 33 – एससी महिला

वार्ड 34 – सामान्य

वार्ड 35 – महिला

वार्ड 36 – ओबीसी

वार्ड 37 – महिला

वार्ड 38 – सामान्य

वार्ड 39 – एससी महिला

वार्ड 40 – सामान्य

वार्ड 41 – महिला

वार्ड 42 – एससी

वार्ड 43 – महिला

वार्ड 44 – सामान्य

वार्ड 45 – एससी महिला

वार्ड 46 – सामान्य

वार्ड 47 – महिला

वार्ड 48 – एससी

वार्ड 49 – महिला

वार्ड 50 – सामान्य