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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा' के तीसरे चरण के तहत आज (11 मार्च, 2026) सीमांचल के महत्वपूर्ण जिलों, अररिया और किशनगंज के दौरे पर हैं। अररिया के सुपौल और मधेपुरा में जनसभाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एक संकल्प दोहराया कि अगले पांच वर्षों में बिहार से पलायन पूरी तरह रोक दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने ऐसा रोडमैप तैयार किया है जिससे युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर नहीं ताकना पड़ेगा।

अररिया में ₹545 करोड़ की सौगात: 68 योजनाओं का उपहार

मुख्यमंत्री बुधवार सुबह 10:45 बजे अररिया पहुंचे। यहां उन्होंने विकास की रफ्तार को नई दिशा देते हुए कुल 545.89 करोड़ रुपये की लागत वाली 68 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

शिलान्यास: ₹330.60 करोड़ की 6 बड़ी योजनाओं की नींव रखी गई, जिसमें पथ निर्माण विभाग की तीन महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं।

लोकार्पण: ₹157.16 करोड़ की लागत से तैयार 60 विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन मुख्यमंत्री के हाथों संपन्न हुआ।

किशनगंज में हुंकार: कृषि और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

दोपहर करीब 1:00 बजे मुख्यमंत्री किशनगंज के ठाकुरगंज पहुंचेंगे। यहां के कृषि फार्म में आयोजित जनसभा में वे सीमांचल के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।

विकास का गणित: किशनगंज में सीएम ₹133 करोड़ की 73 योजनाओं का शिलान्यास और ₹102 करोड़ की 49 योजनाओं का लोकार्पण करेंगे।

समीक्षा बैठक: विकासात्मक एवं जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी प्रस्तावित है।

बिहार बनेगा 'उद्योग हब': सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला

पटना से यात्रा में शामिल उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए विकास के आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 के बीच बिहार में 1 लाख लोगों को भी नौकरी नहीं मिली थी, जबकि नीतीश सरकार के कार्यकाल में 57 लाख से अधिक लोगों को रोजगार और सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

बिजली क्रांति: 2005 में जहां केवल 17 लाख बिजली उपभोक्ता थे, आज यह संख्या 2 करोड़ 16 लाख पार कर गई है। 125 यूनिट मुफ्त बिजली के कारण 88% परिवारों का बिल शून्य आ रहा है।

औद्योगिक निवेश: बिहार में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री और आईटी हब की स्थापना से राज्य अब उद्योग हब बनने की ओर अग्रसर है।

पलायन रोकने का 'मास्टर प्लान'

नीतीश कुमार ने कहा कि "सात निश्चय" (पार्ट-1 और पार्ट-2) के माध्यम से गांवों में बुनियादी ढांचा तैयार हो चुका है। अब अगला लक्ष्य बिहार में ही बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगले 5 साल में ऐसी व्यवस्था होगी कि किसी बिहारी को मजबूरी में घर नहीं छोड़ना पड़ेगा।