Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब की जेलों को अब केवल 'सजा' नहीं बल्कि 'सुधार और स्वरोजगार' के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पंजाब विधानसभा की विशेष कमेटी ने सेंट्रल जेल पटियाला का दौरा करने के बाद कैदियों के पुनर्वास और उनकी आय बढ़ाने के लिए कई क्रांतिकारी सिफारिशें की हैं। कमेटी का मुख्य जोर जेलों में नर्सरी विकसित करने और कैदियों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार में उतारने पर है, ताकि सजा पूरी करने के बाद वे समाज की मुख्यधारा से सम्मानजनक तरीके से जुड़ सकें।
पटियाला जेल में खिलेगी नर्सरी, सड़क किनारे होगी पौधों की बिक्री
विधानसभा कमेटी ने सेंट्रल जेल पटियाला में नई नर्सरी का निरीक्षण करते हुए सुझाव दिया कि इसे बड़े स्तर पर विस्तारित किया जाए। जेल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि यहां फूलों, फलदार पौधों और सब्जियों की पौध तैयार की जाए। चूंकि यह जेल मुख्य सड़क पर स्थित है, इसलिए यहां से गुजरने वाले शहर और गांवों के लोग सीधे जेल की नर्सरी से पौधे खरीद सकेंगे। इससे न केवल जेल विभाग का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि काम करने वाले कैदियों को उनकी मेहनत की दिहाड़ी भी मिल सकेगी।
ताजी सब्जियां और कैंटीन सुधार: सेहत का भी रखा जाएगा ख्याल
दौरे के दौरान कैदियों ने ताजी सब्जियों की उपलब्धता न होने पर रोष जताया था। कमेटी ने इसे गंभीरता से लेते हुए सिफारिश की है कि पटियाला सहित राज्य की सभी जेलों में कैदियों को ताजी सब्जियां दोबारा उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, चंडीगढ़ की बुरैल जेल की तर्ज पर जेल कैंटीनों को हाईटेक बनाने और वहां रोजमर्रा की जरूरत का पर्याप्त सामान उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।
बुरैल जेल मॉडल पर खुलेंगे शोरूम, बिकेंगे कैदियों के उत्पाद
कमेटी ने चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में स्थित बुरैल जेल के शोरूम का उदाहरण देते हुए कहा कि पंजाब में भी ऐसे बिक्री केंद्र खुलने चाहिए। जेलों में तैयार होने वाले फर्नीचर, पेंटिंग, बेकरी आइटम, आटा-दाल और सजावटी गमलों की ब्रांडिंग कर उन्हें बाजार में बेचा जाएगा।
हुनर का विकास: सजा पूरी होने के बाद कैदियों के पास नर्सरी और मार्केटिंग का अनुभव होगा।
रचनात्मक माहौल: काम में व्यस्त रहने से कैदियों का मनोबल बढ़ेगा और जेल का वातावरण सकारात्मक रहेगा।
आर्थिक लाभ: उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय का सीधा हिस्सा कैदियों के कल्याण पर खर्च होगा।
आत्मनिर्भर बनेंगे कैदी: सजा के बाद रोजगार की चिंता होगी खत्म
कमेटी के अनुसार, इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य कैदियों को 'स्किल्ड वर्कर' बनाना है। जेल के भीतर काम सीखने से उनके पास भविष्य के लिए रोजगार की गारंटी होगी। विधानसभा कमेटी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन योजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए ताकि जेल प्रशासन और कैदियों, दोनों को आर्थिक लाभ मिल सके।




