Prabhat Vaibhav,Digital Desk : देश के मौसम ने अचानक करवट बदल ली है और मानसून पूर्व की गतिविधियों (Pre-Monsoon Activities) ने दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशवासियों को आगाह करते हुए चेतावनी जारी की है कि 28 मार्च से 31 मार्च तक देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज तूफान का कहर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक पूरे भारत को प्रभावित करने वाला है।
उत्तर भारत में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि की आशंका
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 28 से 31 मार्च के बीच आसमान से राहत नहीं, बल्कि आफत बरस सकती है। इस दौरान 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की संभावना है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ हिमपात (Snowfall) की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी होगी, जो मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा सकती है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में मानसून जैसी स्थिति
दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मानसून जैसी स्थिति अभी से दिखने लगी है। यहाँ 31 मार्च तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, पश्चिमी भारत की बात करें तो गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भीषण आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दें क्योंकि 50 किमी की रफ्तार वाली हवाएं नुकसान पहुँचा सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में आसमानी बिजली का खतरा
पूर्वोत्तर भारत के राज्य असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में न केवल मूसलाधार बारिश होगी, बल्कि बिजली गिरने (Lightning) की भी प्रबल आशंका जताई गई है। पहाड़ी ढलानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।




