Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए और सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही तय करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर अब बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर नया कनेक्शन नहीं दिया गया, तो संबंधित अधिकारी को ₹1000 प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना भरना होगा।
कनेक्शन के लिए नई समय सीमा (Deadline)
सरकार ने सेवाओं में तेजी लाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए सख्त समय सीमा तय की है:
मुख्य शहरी क्षेत्र: आवेदन के अधिकतम 3 दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन देना अनिवार्य है।
अन्य शहरी इलाके: कनेक्शन देने की समय सीमा 7 दिन निर्धारित की गई है।
ग्रामीण क्षेत्र: सुदूर ग्रामीण इलाकों में अधिकतम 15 दिनों के भीतर बिजली चालू करनी होगी।
यदि इन समय सीमाओं का उल्लंघन होता है, तो दोषी अधिकारियों के वेतन से जुर्माने की राशि काटी जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाना और व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ
बिजली दरों को लेकर भी बिहार सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए 'टाइम ऑफ डे' व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिससे बिजली बिल कम करने का मौका मिलेगा:
दिन में बिजली सस्ती (सुबह 9:00 से शाम 5:00 बजे): इस दौरान बिजली की दरों में करीब 20% तक की छूट मिलेगी। सौर ऊर्जा की उपलब्धता के कारण दिन में बिजली का उपयोग करना उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगा।
पीक आवर में महंगी (शाम 5:00 से रात 11:00 बजे): शाम के समय जब बिजली की मांग सबसे अधिक होती है, तब दरों में 10% से 20% तक की वृद्धि की जाएगी।
सामान्य दर (रात 11:00 से सुबह 9:00 बजे): रात के समय बिजली की दरें सामान्य रहेंगी।
125 यूनिट फ्री बिजली के बाद बढ़ा दबाव
हाल ही में बिहार सरकार द्वारा 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा के बाद राज्य में नए बिजली कनेक्शन के आवेदनों में भारी उछाल आया है। मांग बढ़ने के कारण प्रक्रियाओं में देरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे देखते हुए सरकार ने अधिकारियों पर सख्ती बरतने का फैसला किया है।




