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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के वैशाली जिले की किस्मत बहुत जल्द पलटने वाली है। जिले के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में कच्चा तेल (Crude Oil) और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश पर 'अल्फा जियो' कंपनी ने नगवां मिश्रौलिया और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वैज्ञानिक सर्वेक्षण और ड्रिलिंग का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है।

100 फीट गहरी बोरिंग और सेस्मिक टेस्टिंग से होगी जांच

प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इंडियन ऑयल लिमिटेड (IOCL) से टेंडर मिलने के बाद मुंबई की कंपनी अल्फा जियो यहां तेल और खनिज पदार्थों की खोज कर रही है। सर्वे के दौरान जमीन में लगभग 100 फीट तक बोरिंग की जा रही है। इसके बाद जमीन के नीचे 25 से 30 फीट की गहराई पर नियंत्रित विस्फोट किया जाएगा। इस विस्फोट से निकलने वाली तरंगों के जरिए 'सेस्मिक टेस्टिंग' (Seismic Testing) की जाएगी, जिससे करीब 5 किलोमीटर के दायरे में जमीन के नीचे मौजूद तरल पदार्थों का पता चल सकेगा।

2013 के बाद दोबारा जागी उम्मीद, देहरादून भेजी जाएगी मिट्टी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस क्षेत्र में करीब 12 साल पहले यानी साल 2013 में भी सर्वे किया गया था, लेकिन तब पर्याप्त सफलता नहीं मिली थी। अब आधुनिक तकनीक और नए डेटा के आधार पर संभावना काफी बढ़ गई है। सर्वे के दौरान जमीन के दो अलग-अलग लेयर से मिट्टी और पत्थरों के नमूने (Samples) लिए जा रहे हैं, जिन्हें गहन जांच के लिए देहरादून स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

1800 सदस्यीय टीम और 2700 चिह्नित स्थान

इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कंपनी की 1800 सदस्यीय विशाल टीम दिन-रात जुटी हुई है। सर्वे का दायरा केवल वैशाली तक सीमित नहीं है; बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक करीब 2700 स्थानों को इस खोज के लिए चिह्नित किया गया है। नगवां विरमामठ गांव में चल रही बोरिंग को लेकर शुरुआती दौर में किसानों और कंपनी कर्मियों के बीच मुआवजे को लेकर विवाद भी हुआ, जिसे अधिकारियों ने फसल क्षति का उचित मुआवजा देने का आश्वासन देकर सुलझा लिया है।

बिहार के विकास के लिए 'मील का पत्थर'

यदि वैशाली की इस धरती से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस का उत्पादन शुरू होता है, तो यह न केवल वैशाली बल्कि पूरे बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और बिहार औद्योगिक मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा।