Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में चल रही अंचलाधिकारियों (CO) और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। विभाग की कमान संभालने के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि हड़ताली कर्मी तुरंत काम पर नहीं लौटे, तो उनके खिलाफ निलंबन (Suspension) की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार स्थायी बहाली के वैकल्पिक रास्तों पर भी विचार कर रही है।
"यह हड़ताल नहीं, योजनाबद्ध साजिश है"
डिप्टी सीएम ने हड़ताल के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंचलाधिकारियों और कर्मचारियों का एक साथ हड़ताल पर जाना कोई संयोग नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध साजिश है। उन्होंने कहा कि सीएम की 'समृद्धि यात्रा' शुरू होने वाली है और ऐसे समय में जनता के काम रोकना स्वीकार्य नहीं है। सरकार हड़ताल की अवधि की गणना कर रही है और जो कर्मी सेवक भाव से काम नहीं करेंगे, उन्हें पद से हटाने में सरकार संकोच नहीं करेगी।
40 लाख लंबित मामलों का होगा निपटारा, कैथी लिपि के लिए विशेषज्ञों का पैनल
विजय सिन्हा ने जनता को आश्वस्त किया कि हड़ताल खत्म होते ही 40 लाख लंबित परिमार्जन मामलों का त्वरित निष्पादन कराया जाएगा। इसके अलावा, जमीन के पुराने दस्तावेजों को समझने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए 'कैथी' लिपि के 29 विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया गया है। ये विशेषज्ञ 220 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से पुराने अभिलेखों का अनुवाद करेंगे, जिससे भूमि विवादों को सुलझाने में बड़ी मदद मिलेगी।
राजस्व व्यवस्था में बड़े बदलाव: अब थानेदार आएंगे अंचल कार्यालय
सरकार ने भूमि विवादों के निपटारे के लिए 'जनता दरबार' की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया:
नया नियम: अब थानेदार खुद अंचल कार्यालय (CO Office) जाएंगे, क्योंकि वहां राजस्व कर्मचारी, अमीन और सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होते हैं।
पंचायत स्तर पर उपस्थिति: राजस्व कर्मचारियों को अब अंचल मुख्यालय के बजाय पंचायत स्तर पर बैठना होगा।
डिजिटल निगरानी: कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 'वीडियो कॉलिंग' के जरिए रैंडम जांच की व्यवस्था शुरू की गई है। इसकी सीधी निगरानी जिले के डीएम (DM) और एसपी (SP) करेंगे।
"सेवक बनकर करें नौकरी, वरना जाने को तैयार रहें"
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में विजय सिन्हा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सरकार दफ्तर-दफ्तर भटकने वाली कार्य संस्कृति को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “जो सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे, उनका सम्मान होगा, लेकिन जो जनता को परेशान करेंगे, उनके खिलाफ सख्त फैसले लिए जाएंगे।”




