Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बोधगया को जापान के ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित शहर क्योटो की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम तब उठाया गया, जब सौ सदस्यीय जापानी शिष्टमंडल ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल जापान की सबसे प्राचीन बौद्ध मोनेस्ट्री के मुख्य पुजारी इजेन ओनिसी के नेतृत्व में बोधगया पहुंचा और विभिन्न बौद्ध तीर्थस्थलों का भ्रमण किया।
क्योटो की तर्ज पर गया की विकास योजना
मुलाकात के दौरान जापानी शिष्टमंडल ने डॉ. प्रेम कुमार को खादा पहनाकर सम्मानित किया और स्मृति चिह्न भेंट किया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य बोधगया को सिर्फ एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित, शांत और वैश्विक आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित करना है। जापान के क्योटो शहर की तर्ज पर बोधगया की विकास योजना तैयार की जा रही है।
भारत-जापान सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंध
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भारत और जापान के बीच गहरे सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंध हैं। भविष्य में जापान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के दर्शन के लिए बोधगया आएंगे। उन्होंने महाबोधि कॉरिडोर योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत बोधगया और आसपास के बुद्ध से जुड़े स्थलों का समग्र विकास किया जाएगा, ताकि यह नगर विश्व शांति और करुणा का प्रतीक बन सके।
जापान का औपचारिक आमंत्रण
मुलाकात के अंत में जापानी शिष्टमंडल ने डॉ. प्रेम कुमार को जापान आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सहोजि कोयामा, ताकाहीरा कोयामा और जिमी ने कहा कि बोधगया आकर वे सभी स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।




