Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड की जीवन रेखा मानी जाने वाली चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'मिशन मोड' में कमान संभाल ली है। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि इस बार की यात्रा में "व्यावसायिक लाभ की जगह मानवीय संवेदनशीलता" सर्वोपरि होगी।
श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सरकार इस बार तकनीक, स्वच्छता और सख्त कानून-व्यवस्था का त्रिकोण तैयार कर रही है।
1. तकनीक और सुरक्षा: AI की पैनी नजर
यात्रा को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने कई तकनीकी निर्देश दिए हैं:
AI निगरानी प्रणाली: पूरे यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी।
स्लॉट मैनेजमेंट: दर्शन के लिए लंबी लाइनों से बचने के लिए 'डिजिटल स्लॉट मैनेजमेंट' और 'रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग' का उपयोग होगा।
हेली सेवा पर सख्ती: हेलीकॉप्टरों की नियमित फिटनेस जांच और मेंटेनेंस अनिवार्य होगी। ओवरलोडिंग रोकने के लिए सेवाओं को पर्याप्त विश्राम देने के निर्देश दिए गए हैं।
2. 'ग्रीन एवं क्लीन यात्रा': प्लास्टिक मुक्त देवभूमि
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष की 'ग्रीन एवं क्लीन चारधाम यात्रा' मुहिम को और सख्त बनाने पर जोर दिया है:
प्लास्टिक पर प्रतिबंध: यात्रा मार्गों पर पर्याप्त कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे और प्लास्टिक के उपयोग पर कड़ा नियंत्रण होगा।
स्वच्छता और सौंदर्यीकरण: प्रमुख स्थलों पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, थीम आधारित इंस्टॉलेशन और बेहतर साइनज (Signage) लगाए जाएंगे।
3. स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन: 24x7 अलर्ट
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं:
अस्थायी अस्पताल: यात्रा मार्ग पर पर्याप्त मेडिकल यूनिट्स और अस्थायी अस्पताल स्थापित होंगे। पशुओं (घोड़ा-खच्चर) के उपचार के लिए भी चिकित्सालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
त्वरित प्रतिक्रिया: आपदा प्रबंधन के लिए SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ 24x7 कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा।
4. आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति
सीएम ने जिला पूर्ति अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर बुनियादी चीजों की कोई कमी न हो:
ईंधन और गैस: पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और केरोसीन की निर्बाध आपूर्ति के लिए अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे।
ओवररेटिंग पर रोक: सभी दुकानों और रेस्तरां पर 'रेट लिस्ट' प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। ओवररेटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
5. सख्त कानून-व्यवस्था: अफवाह फैलाने वालों पर FIR
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर कड़ा रुख अपनाया है:
भ्रामक खबरें: चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाएगी।
ट्रैफिक प्लान: मुख्य मार्गों और बाजारों में पुलिस व होमगार्ड्स की तैनाती होगी ताकि जाम की स्थिति न बने। स्थानीय नागरिकों के लिए वैकल्पिक मार्गों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
चारधाम यात्रा 2026: एक नजर में मुख्य बिंदु
| क्षेत्र | धामी सरकार का मुख्य एक्शन प्लान |
|---|---|
| पंजीकरण | ऑनलाइन प्रणाली को सरल बनाना और केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बढ़ाना। |
| सुविधाएं | पर्याप्त शेल्टर, आधुनिक शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था। |
| परिवहन | वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड, ट्रिप कार्ड और फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य। |
| सड़कें | यात्रा शुरू होने से पहले सभी मार्गों के गड्ढे भरने और सड़क दुरुस्त करने के निर्देश। |
बैठक में मौजूद दिग्गज: समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, सतपाल महाराज (वर्चुअल), मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।




