Prabhat Vaibhav,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के भव्य उद्घाटन के बाद, इस नए मार्ग पर यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। सालों से दिल्ली-देहरादून के बीच लगने वाले 6-7 घंटे के थकाऊ सफर और भारी जाम से अब लोगों को मुक्ति मिल गई है। एक्सप्रेसवे के खुलने के पहले ही दिन यात्रियों ने जो अनुभव साझा किए, वे चौंकाने वाले और संतोषजनक हैं।
मात्र 2 घंटे 40 मिनट में अक्षरधाम से देहरादून
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण दिल्ली के अक्षरधाम से चलने वाले यात्री 3 घंटे से भी कम समय में देहरादून पहुंच रहे हैं। दिल्ली पुलिस में तैनात रोहित मलिक, जो अपनी पत्नी प्रियंका के साथ सिर्फ इस नए एक्सप्रेसवे का अनुभव लेने देहरादून आए, उन्होंने बताया कि उन्हें अक्षरधाम से आशारोड़ी (देहरादून) पहुंचने में केवल 2 घंटे 40 मिनट का समय लगा। उन्होंने कहा, "सफर इतना स्मूथ था कि कहीं भी ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ी, वाहन एक समान गति से दौड़ते रहे।"
सफर की धारणा बदली: अब नहीं मिलेगा जाम
शाहदरा (दिल्ली) के रहने वाले शुभम चौधरी, जो अपने परिवार के साथ मसूरी जा रहे थे, ने बताया कि पहले इस यात्रा में 5 से 6 घंटे लग जाते थे। एक्सप्रेसवे ने यात्रा की पूरी परिभाषा बदल दी है। रास्ते में न तो कहीं जाम मिला और न ही कोई बाधा। यही हाल हरियाणा के यमुनानगर से आने वाले यात्रियों का भी रहा। अंकुर पोहान ने बताया कि वह मात्र 2 घंटे में यमुनानगर से देहरादून पहुंच गए।
इकोनॉमिक कॉरिडोर: विकास को मिलेगी नई रफ्तार
यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचा रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के बीच व्यापार और पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यात्रियों के अनुसार, अब सफर 'पूर्वानुमेय' (Predictable) हो गया है, यानी अब आप घर से निकलते समय तय कर सकते हैं कि आप कितनी देर में पहुंचेंगे, जो पहले जाम के कारण संभव नहीं था।
एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषताएं
कुल समय: दिल्ली (अक्षरधाम) से देहरादून अब मात्र 2 घंटे 40 मिनट से 3 घंटे के बीच।
जाम मुक्त सफर: एलिवेटेड कॉरिडोर और नियंत्रित प्रवेश/निकास के कारण कहीं भी रेड लाइट या जाम नहीं।
एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: राजाजी नेशनल पार्क के पास 12 किलोमीटर का एलिवेटेड हिस्सा वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।




