Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दरभंगा में ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान बिहार को विकसित राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। नागेंद्र झा स्टेडियम में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में विकास की रफ्तार और तेज होगी और बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 24 नवंबर 2005 को याद करते हुए कहा कि उस समय बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। शाम ढलते ही लोग घरों से निकलने में डरते थे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल थीं। आज हालात बदले हैं, भय का वातावरण खत्म हुआ है और राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कब्रिस्तानों की घेराबंदी से सामाजिक तनाव में कमी आई है। शिक्षा के क्षेत्र में अब तक 5 लाख 24 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है और शेष पदों को भी जल्द भरने की प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। पटना में 5000 बेड की आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा विकसित हो रही है, जबकि पुराने पांच मेडिकल कॉलेजों में 2500 बेड की क्षमता को फिर से बहाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब राज्य के किसी भी जिले से छह घंटे के भीतर पटना पहुंचना संभव हो गया है। कृषि क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है और मछली उत्पादन में ढाई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। घर-घर बिजली पहुंचाने के बाद अब सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 लाख नौकरियों का लक्ष्य पूरा हो चुका है और अब तक लगभग 40 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है। इसे बढ़ाकर एक करोड़ रोजगार तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है।
पेंशन योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राशि बढ़ने से 1 करोड़ 30 लाख लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। जाति आधारित आर्थिक सर्वेक्षण में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को समृद्ध बनाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण, जीविका दीदियों की संख्या में वृद्धि और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से बिहार को भरपूर सहयोग मिल रहा है। वर्ष 2024 के बजट में राज्य को बड़ी सौगात मिली है। मखाना बोर्ड की स्थापना, खेलो इंडिया जैसे आयोजनों और आधारभूत ढांचे के विकास से बिहार की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
आगामी पांच वर्षों की योजना साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सात निश्चय-3’ लागू किया जाएगा। हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू किया जाएगा, घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगेगी।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने दरभंगा में 105 करोड़ रुपये की 50 योजनाओं का शिलान्यास और 33 करोड़ रुपये की 40 योजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने दरभंगा एयरपोर्ट टर्मिनल, रनवे विस्तार, कार्गो हब और कनेक्टिविटी रोड का भी निरीक्षण किया।




