img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : डिजिटल क्रांति और प्रशासनिक तत्परता का एक अनोखा उदाहरण बिहार के सारण जिले में देखने को मिला है। अमेरिका में रह रहे एक बेटे ने ईमेल के जरिए अपने बुजुर्ग माता-पिता की परेशानी साझा की, जिस पर छपरा प्रशासन ने पलक झपकते ही कार्रवाई की। सोनपुर के एक बुजुर्ग दंपती, जो गैस खत्म होने के कारण भारी किल्लत झेल रहे थे, उनके घर जिला प्रशासन ने खुद पहुंचकर सिलिंडर मुहैया कराया।

सात समंदर पार से बेटे ने भेजी थी 'डिजिटल पुकार'

सोनपुर के रहने वाले कुंदन कुमार वर्तमान में अमेरिका में कार्यरत हैं। उन्होंने सारण जिला प्रशासन को एक ईमेल भेजकर भावुक अपील की थी। कुंदन ने बताया कि उनके घर में पिछले चार महीनों से नया सिलिंडर नहीं लिया गया था और अब स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। घर में केवल उनके बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिन्हें इस किल्लत के कारण भोजन पकाने में भारी असुविधा हो रही थी।

SDO की त्वरित कार्रवाई: घर की दहलीज पर पहुंची मदद

ईमेल मिलते ही सोनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने मामले की संवेदनशीलता को समझा। उन्होंने बिना समय गंवाए स्थानीय मार्केटिंग ऑफिसर को मामले की जांच और समाधान के निर्देश दिए। प्रशासन की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि कुछ ही घंटों के भीतर गैस एजेंसी की गाड़ी बुजुर्ग दंपती के दरवाजे पर खड़ी थी और उन्हें नया सिलिंडर सौंप दिया गया। प्रशासन की इस मानवीय पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है।

दूसरी तरफ गैस की किल्लत पर फूटा जनता का गुस्सा

एक तरफ जहां प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई, वहीं जिले के अन्य हिस्सों में गैस की कमी को लेकर हाहाकार मचा है।

सड़क जाम और नारेबाजी: एकमा प्रखंड के परसागढ़ स्थित बाबा प्रसादी नाथ मंदिर के पास आक्रोशित ग्रामीणों ने गैस की कमी के खिलाफ सड़क जाम कर दिया।

ठप रहा आवागमन: घंटों तक नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों पर परिचालन बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और गैस एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।

वैश्विक तनाव का स्थानीय रसोई पर असर

विशेषज्ञों और प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब घरेलू गैस की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर दिखने लगा है। कच्चे तेल और गैस के आयात में आ रही बाधाओं के कारण ग्रामीण इलाकों में सिलिंडर की किल्लत बढ़ गई है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।