Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मगध की ऐतिहासिक धरती गया को विकास के नए सांचे में ढालने के लिए सौगातों की बौछार कर दी। गया प्रमंडल के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने जिले के सर्वांगीण विकास के लिए एक साथ 724 विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। करोड़ों की लागत वाली इन योजनाओं से न केवल गया शहर बल्कि ग्रामीण इलाकों की तस्वीर भी पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री के इस कदम को आगामी चुनावों और 'न्याय के साथ विकास' के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। गयावासियों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा, क्योंकि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई लंबित मांगों को आज हरी झंडी मिल गई।
शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक, योजनाओं का व्यापक जाल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दी गई 724 योजनाओं में सड़क, पुल-पुलिया, अस्पताल भवन, स्कूल और सामुदायिक भवनों का निर्माण शामिल है। विशेष रूप से गया के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई नए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गया केवल एक धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस एक मॉडल जिला बनाना उनकी प्राथमिकता है। इन योजनाओं के लागू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और बुनियादी ढांचे में मजबूती आएगी।
जल-जीवन-हरियाली और पर्यटन पर विशेष फोकस
गया की पहचान पूरी दुनिया में भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली और पितृपक्ष मेले के कारण है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाओं की नींव रखी। 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के तहत तालाबों के सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण की परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गया में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और 724 योजनाओं का यह गुलदस्ता पर्यटकों की सुविधा और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक सिद्ध होगा। विशेष रूप से फल्गु नदी के किनारे और बोधगया के आसपास के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: समय पर पूरा हो काम
शिलान्यास और उद्घाटन के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि इन सभी 724 योजनाओं का क्रियान्वयन तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए। नीतीश कुमार ने गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह के समझौते न करने की चेतावनी दी और कहा कि वे खुद इन योजनाओं की प्रगति की निगरानी करेंगे। गया के जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के इस कदम का स्वागत किया है और इसे गया के इतिहास का सबसे बड़ा 'डेवलपमेंट डोज' करार दिया है।
_1146084518_100x75.jpg)
_1788484583_100x75.jpg)
_1359308603_100x75.jpg)
_1663099618_100x75.jpg)
_61353943_100x75.jpg)