img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : गोरखपुर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल जय प्रकाश नारायण चौक, जिसे लोग आमतौर पर असुरन चौराहा कहते हैं, इन दिनों एक अजीब वजह से चर्चा में है। यहां लगी सार्वजनिक घड़ी समय से करीब 25 मिनट पहले ही घंटा पूरा कर रही है, जिससे राहगीर और दुकानदार दोनों हैरान हैं।

बुधवार शाम जब असल समय 5:35 बजे था, तब चौराहे पर लगी घड़ी ने पूरे छह बार घंटा बजाकर छह बजे का संकेत दे दिया। दिलचस्प बात यह है कि घड़ी की सुइयां सही समय दिखा रही होती हैं, लेकिन उसका साउंड सिस्टम गलत समय की घोषणा कर रहा है।

सुइयां सही, पर घंटा भविष्य का

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जैसे ही घड़ी की बड़ी सूई अगले घंटे के करीब पहुंचती है, उसका न्यूमेरिकल चाइम सिस्टम सक्रिय हो जाता है और समय से पहले घंटा बजने लगता है। सात बजने से पहले ही सात बार घंटा, आठ से पहले आठ बार—यही सिलसिला रोज चल रहा है।

इस वजह से चौक से गुजरने वाले लोग अक्सर भ्रम में पड़ जाते हैं। कई लोग घंटा सुनते ही मोबाइल या अपनी घड़ी देखते हैं, तब जाकर असली समय समझ आता है।

दुकानदार बोले—घड़ी वर्तमान में नहीं, भविष्य में चल रही

चौराहे के दुकानदार मजाकिया लहजे में कहते हैं कि यह घड़ी समय से आगे चलकर लोगों को पाबंद बनाना चाहती है। हालांकि हंसी-मजाक के बीच परेशानी भी है। कई बार जरूरी काम, बस या ट्रेन पकड़ने की जल्दी में लोग घंटा सुनकर गलत अनुमान लगा लेते हैं।

सोशल मीडिया पर मीम्स, लेकिन सवाल गंभीर

इस अनोखी घड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स और मजेदार टिप्पणियां भी सामने आ रही हैं। कोई इसे “फ्यूचर टाइम मशीन” बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि गोरखपुर समय से आगे चल रहा है।

लेकिन लोगों का कहना है कि शहर के इतने प्रमुख चौराहे पर लगी सार्वजनिक घड़ी की यह तकनीकी खराबी अब तक ठीक क्यों नहीं की गई, यह समझ से बाहर है।

प्रशासन से मरम्मत की मांग

स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घड़ी की जल्द मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगी सुविधाएं अगर सही काम न करें, तो उनका उद्देश्य ही खत्म हो जाता है।

लोग चाहते हैं कि असुरन चौराहे की यह ‘अनोखी घड़ी’ फिर से सही समय बताए, ताकि घंटा सुनकर किसी को दोबारा घड़ी न देखनी पड़े।