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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए प्रदेश के विकास का एक नया विजन पेश किया। बजट अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल विपक्ष के हमलों का करारा जवाब दिया, बल्कि आंकड़ों के जरिए यह भी साबित किया कि यूपी अब 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

दसवीं बार बजट पेश कर रचा इतिहास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट सत्र ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार 10वीं बार बजट प्रस्तुत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि सत्र 2026-27 का यह बजट ₹9,12,000 करोड़ का है, जो यूपी के बढ़ते सामर्थ्य का प्रतीक है।

प्रति व्यक्ति आय में रिकॉर्ड उछाल: ₹43,000 से ₹1,20,000 का सफर

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों और अपनी सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट करते हुए आय के आंकड़े प्रस्तुत किए।

2016-17 की स्थिति: तत्कालीन सपा सरकार के समय प्रति व्यक्ति आय लगभग ₹43,000 थी।

वर्तमान स्थिति: 31 मार्च 2026 तक यह आंकड़ा ₹1,20,000 को पार कर जाएगा।

मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए पूछा, "क्या ₹43,000 और ₹1,20,000 के बीच कोई अंतर नहीं दिखता?" उन्होंने कहा कि शुद्ध नीयत और स्पष्ट नीति के कारण ही आज यूपी का नागरिक दुनिया में कहीं भी जाता है, तो लोग उसे सम्मान और भरोसे की नजर से देखते हैं।

वित्तीय प्रबंधन: बिना कर्ज लिए पेश किया बजट

योगी आदित्यनाथ ने सदन में गर्व के साथ घोषणा की कि उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपने बजट के लिए किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से कर्ज नहीं लिया है।

राजकोषीय घाटा: वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा 4% से अधिक था, जिसे वर्तमान सरकार ने नियंत्रित किया है।

अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया कि वर्ष 2026-27 के अंत तक यूपी की जीडीपी (GDP) ₹40 लाख करोड़ के पार पहुंच जाएगी।

भ्रष्टाचार पर प्रहार और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि "हमने भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाई और सरकारी पैसे का लीकेज पूरी तरह बंद किया।" इसी बचत का परिणाम है कि आज यूपी में एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारों का जाल बिछा है।

किसानों की कर्ज माफी: सरकार ने शुरुआत में ही 86 लाख किसानों का ₹1-1 लाख तक का कर्ज माफ किया।

औद्योगिक निवेश: यूपी के पास आज देश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क, सस्ता और कुशल मैनपावर है, जिसके कारण बड़े औद्योगिक घराने यहाँ निवेश कर रहे हैं।

सदन में चुटीला अंदाज: विपक्ष पर साधा निशाना

चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री का मजाकिया अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के स्वस्थ रहने की कामना करते हुए चुटकी ली और कहा, "शिवपाल जी का श्राप उन पर न लगे।" उन्होंने सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी 169 सदस्यों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने चर्चा में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने अंत में निर्देश दिया कि 31 मार्च को नया बजट लागू होते ही सभी विभाग अपनी कार्य योजना (Action Plan) के साथ तैयार रहें, ताकि विकास की गति में एक दिन का भी विलंब न हो।