Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) इस वक्त एक ऐसे ज्वालामुखी पर बैठा है जो फट चुका है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के प्रतिशोध में ईरान ने अपनी पूरी सैन्य शक्ति झोंक दी है। रविवार से शुरू हुए इस 'ऑपरेशन' के तहत ईरान ने एक साथ 9 खाड़ी देशों को निशाना बनाया है, जिससे पूरी दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आहट सुनाई दे रही है।
इन हमलों में मुख्य रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल से जुड़े सामरिक स्थलों को निशाना बनाया गया है। आइए जानते हैं, ईरान के इस 'मिसाइल तांडव' से कहां-कितना नुकसान हुआ है।
खाड़ी देशों में तबाही का मंजर: देशवार रिपोर्ट
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बैलिस्टिक मिसाइलों और 'कामिकेज़' ड्रोन्स की झड़ी लगा दी है। यहाँ नुकसान का विस्तृत विवरण है:
1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE): सबसे बड़ा हमला
नुकसान: अबू धाबी और दुबई जैसे वैश्विक केंद्रों को निशाना बनाया गया।
हताहत: मलबे की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत। अबू धाबी एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति की जान गई।
असर: दुबई के प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब होटल के पास भीषण आग लगी और इजरायली दूतावास के पास की इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।
2. इजरायल: बेत शेमेश में भारी रक्तपात
नुकसान: मिसाइल डिफेंस सिस्टम के बावजूद बेत शेमेश शहर पर सीधी मिसाइल गिरी।
हताहत: 9 लोगों की मौत और 28 लोग गंभीर रूप से घायल। कई रिहायशी इमारतें जमींदोज हो गईं।
3. कतर: अमेरिकी बेस पर प्रहार
नुकसान: कतर स्थित अमेरिकी हवाई अड्डे पर 18 मिसाइलें दागी गईं।
हताहत: हमले में 16 लोग घायल हुए हैं।
4. कुवैत: जनजीवन अस्त-व्यस्त
नुकसान: ईरान ने 97 बैलिस्टिक मिसाइलें और 283 ड्रोन भेजे।
हताहत: 1 व्यक्ति की मौत और 30 से अधिक घायल।
5. बहरीन: अमेरिकी नौसेना का मुख्यालय निशाना
नुकसान: मनामा और मुहर्रक शहरों में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (5th Fleet) के पास 3 इमारतें ढह गईं।
अन्य प्रभावित देश और सैन्य ठिकाने
ओमान: दुक्म बंदरगाह (US रसद केंद्र) पर ड्रोन हमले में एक विदेशी कामगार घायल। होर्मुज जलडमरूमध्य में 3 मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया।
सऊदी अरब: रियाद और प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले हुए, जिन्हें सऊदी एयर डिफेंस ने नाकाम करने का दावा किया है।
सीरिया: दक्षिणी सीरिया के अस सुवैदा में ईरानी मिसाइल से 4 लोगों की मौत।
जॉर्डन और इराक: यहाँ के आसमान में दर्जनों ड्रोन मार गिराए गए हैं, लेकिन अमेरिकी अड्डों पर खतरा बरकरार है।
निष्कर्ष: क्या यह महायुद्ध की शुरुआत है?
ईरान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइलें और 541 से अधिक ड्रोन दागे जा चुके हैं। अमेरिका ने इसे 'खुला युद्ध' करार दिया है, वहीं इजरायल ने 'निर्णायक प्रतिशोध' की चेतावनी दी है। खाड़ी देशों में तेल रिफाइनरियों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उड़ानों को रोक दिया गया है




