Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ऋतिक रोशन सिर्फ सुपरस्टार ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के सबसे सफल डांसर और फिटनेस आइकन के रूप में भी जाने जाते हैं। अपनी गठीली काया के कारण उन्हें अक्सर "ग्रीक गॉड" कहा जाता है। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर बॉलीवुड स्टाइल बाइसेप्स पाने की अपनी दीवानगी साझा की है, जो हासिल करना आसान नहीं है। ऋतिक अक्सर इंस्टाग्राम पर अपने वर्कआउट, स्विमिंग सेशन और सख्त डाइट की झलकियां शेयर करते रहते हैं। लेकिन 52 साल की उम्र में भी उनकी इस फिटनेस के पीछे असली राज क्या है? इस सवाल का जवाब खुद अभिनेता ने अपने निजी शेफ शुभम विश्वकर्मा को टैग करते हुए एक पोस्ट में दिया।
प्रदर्शन उन्मुख पोषण की ओर झुकाव
शुभम विश्वकर्मा ने बताया कि ऋतिक रोशन जैसे सुपरस्टार से सार्वजनिक प्रशंसा पाना बहुत खास था। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक तारीफ नहीं थी, बल्कि पर्दे के पीछे उनके अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की पहचान थी। उन्होंने कहा कि समय के साथ, उनका ध्यान सिर्फ स्वाद से हटकर परफॉर्मेंस-ड्रिवन न्यूट्रिशन पर केंद्रित हो गया, जिसने उनके करियर की दिशा तय की।
ऋतिक के साथ काम करने से पहले, शुभम ताज जैसे प्रतिष्ठित होटलों सहित देश भर के कई प्रसिद्ध होटलों की रसोई टीम का हिस्सा थे। उन्होंने बताया कि सैकड़ों लोगों के लिए खाना बनाना और किसी ऐसे व्यक्ति के लिए आहार योजना बनाना जो स्वास्थ्य और प्रदर्शन पर सीधे तौर पर निर्भर करता है, दो बिल्कुल अलग अनुभव हैं।
शेफ को साथ रखता है
जब ऋतिक रोशन शूटिंग या काम के सिलसिले में यात्रा करते हैं, तो उनका शेफ हमेशा उनके साथ रहता है। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग रसोईघरों, सामग्रियों और व्यस्त कार्यक्रम के साथ काम करना शुभम के लिए अब कोई चुनौती नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। उनके अनुसार, अभिनेता का आहार साफ-सुथरा, संतुलित और सोच-समझकर तैयार किया जाता है। यह अत्यधिक खान-पान पर आधारित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक, टिकाऊ स्वास्थ्य पर केंद्रित है।
ऋतिक का खान-पान कैसा है?
ऋतिक के आहार में कम वसा वाले प्रोटीन, मौसमी सब्जियां, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, स्वस्थ वसा और हल्के स्वाद वाले व्यंजन शामिल हैं। पाचन, ऊर्जा और रिकवरी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। तंदूरी चिकन, मूंग दाल, छोले, ग्रिल्ड फिश, भिंडी भाजी, पनीर भुर्जी और घर का बना सादा खाना उनके पसंदीदा व्यंजनों में से हैं। शुभम बताते हैं कि हर दिन की शुरुआत शरीर की जरूरतों की योजना बनाने से होती है, और उसी के अनुसार समय, सामग्री और मात्रा तय की जाती है।




