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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर इन दिनों एक खबर जंगल की आग की तरह फैल रही है, जिसने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि मुंबई में एक परिवार के चार सदस्यों की मौत सिर्फ इसलिए हो गई क्योंकि उन्होंने बिरयानी खाने के तुरंत बाद तरबूज खा लिया था। इस घटना के बाद लोग अब बिरयानी और तरबूज के कॉम्बिनेशन को 'जहर' मान रहे हैं। लेकिन क्या विज्ञान भी यही कहता है? आइए जानते हैं डॉक्टरों और विशेषज्ञों की इस पर क्या राय है।

क्या बिरयानी और तरबूज का मेल जानलेवा है?

चिकित्सा विशेषज्ञों और इंफेक्शन स्पेशलिस्ट डॉ. ईश्वर गिलाडा के अनुसार, बिरयानी और तरबूज को एक साथ खाने से मौत होने की संभावना नगण्य है। ये दोनों अलग-अलग प्रकृति के खाद्य पदार्थ हैं।

पाचन का अंतर: तरबूज जल्दी पच जाता है, जबकि बिरयानी (खासकर मांसाहारी) को पचने में 4-5 घंटे का समय लगता है।

नतीजा: इन दोनों को एक साथ खाने से पेट फूलने, भारीपन या अपच (Indigestion) की समस्या तो हो सकती है, लेकिन यह सीधे तौर पर जानलेवा नहीं हो सकता।

असली विलेन 'फूड पॉइजनिंग' या 'मिलावट'?

डॉक्टरों का मानना है कि इस तरह की सामूहिक मौतों के पीछे 'फूड कॉम्बिनेशन' नहीं, बल्कि फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) या भोजन का दूषित होना मुख्य कारण होता है।

बैक्टीरियल इंफेक्शन: यदि बिरयानी बासी थी या उसे सही तापमान पर स्टोर नहीं किया गया था, तो उसमें साल्मोनेला या ई. कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पनप सकते हैं।

केमिकल टॉक्सिसिटी: कभी-कभी तरबूज को लाल दिखाने के लिए उसमें हानिकारक रंगों या रसायनों का इंजेक्शन लगाया जाता है। यदि तरबूज रासायनिक रूप से दूषित है, तो वह घातक साबित हो सकता है।

सेप्सिस और डिहाइड्रेशन: गंभीर संक्रमण से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर गिर सकता है और व्यक्ति 'शॉक' की स्थिति में जा सकता है।

जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

डॉ. गिलाडा का कहना है कि सामूहिक मृत्यु के मामलों में केवल भोजन के प्रकार को दोष देना जल्दबाजी होगी। मौत का असली कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यह भी देखना जरूरी है कि क्या भोजन में कोई बाहरी जहरीला पदार्थ मिला था या तरबूज में इस्तेमाल किए गए कीटनाशकों का स्तर खतरनाक था।

भोजन के बाद फल खाने का सही तरीका

आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही कुछ बुनियादी सावधानियों की सलाह देते हैं:

भारी भोजन (जैसे बिरयानी) और फलों के बीच कम से कम 1 से 2 घंटे का अंतर रखें।

फल हमेशा ताजे और अच्छी तरह धोकर खाएं।

यदि तरबूज काटने के बाद उसका रंग या गंध अजीब लगे, तो उसे बिल्कुल न खाएं।