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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों के बीच सड़क किनारे मिलने वाला ठंडा-ठंडा गन्ने का रस किसी अमृत से कम नहीं लगता। नींबू, पुदीना और अदरक के मेल से बना यह रस न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि थकान मिटाकर शरीर को तुरंत ऊर्जा (Instant Energy) भी देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वास्थ्यवर्धक माना जाने वाला यह प्राकृतिक पेय हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है?

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गन्ने के रस को लेकर कुछ चौंकाने वाली चेतावनियां जारी की हैं। विशेष रूप से कुछ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह रस फायदे के बजाय भारी नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं गन्ने के रस के वे छिपे हुए खतरे, जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

फाइबर की कमी और शुगर का 'स्पाइक': मधुमेह रोगियों के लिए चेतावनी

गन्ने के रस में प्राकृतिक शर्करा भरपूर मात्रा में होती है। हालांकि यह प्राकृतिक है, लेकिन रस निकालते समय गन्ने का सारा फाइबर बाहर निकल जाता है। बिना फाइबर का यह मीठा रस जैसे ही शरीर में जाता है, यह ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) के स्तर को बहुत तेजी से बढ़ा देता है।

यही कारण है कि डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए गन्ने का रस किसी खतरे से कम नहीं है। इसके अलावा, जो लोग मोटापे, फैटी लिवर या मेटाबॉलिक सिंड्रोम से परेशान हैं, उन्हें भी इसका सेवन सीमित करना चाहिए। अतिरिक्त शुगर शरीर में जाकर फैट के रूप में जमा होने लगती है, जो लिवर के लिए घातक है।

सड़क किनारे का गन्ने का रस: बीमारियों को खुला निमंत्रण

गन्ने के रस का दूसरा बड़ा खतरा इसकी स्वच्छता (Hygiene) से जुड़ा है। सड़कों पर बिकने वाले रस के उत्पादन में सफाई का अक्सर अभाव होता है:

दूषित बर्फ और पानी: रस को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बर्फ की गुणवत्ता अक्सर संदिग्ध होती है।

गंदी मशीनें: रस निकालने वाली मशीनों के आसपास गंदगी और मक्खियां खतरनाक बैक्टीरिया का घर होती हैं।

संक्रमण का डर: विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित गन्ने का रस पीने से गर्मियों में टाइफाइड, हैजा (Cholera) और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, निम्नलिखित लोगों को गन्ने का रस पीने से पहले सौ बार सोचना चाहिए:

डायबिटीज के मरीज: शुगर लेवल अचानक बढ़ने का गंभीर जोखिम।

फैटी लिवर के मरीज: अतिरिक्त मिठास लिवर की सूजन बढ़ा सकती है।

कमजोर पाचन तंत्र वाले लोग: दूषित रस से पेट के इन्फेक्शन का डर।

सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?

अगर आप गन्ने का रस पीना ही चाहते हैं, तो हमेशा किसी साफ-सुथरी जगह का चुनाव करें। यह जरूर देखें कि मशीन और गिलासों की सफाई ठीक से की गई हो। बिना बर्फ वाला रस पीना ज्यादा सुरक्षित होता है। साथ ही, स्वाद के चक्कर में एक बार में बहुत अधिक मात्रा में रस न पिएं।