Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हम अपनी लाइफ का लगभग एक-तिहाई हिस्सा सोने में बिताते हैं, और इस दौरान हमारा चेहरा सबसे ज्यादा जिस चीज के संपर्क में रहता है, वह है हमारा तकिया। देखने में साफ लगने वाला तकिया असल में पसीने, तेल, धूल के कणों (Dust Mites) और मृत त्वचा कोशिकाओं (Dead Skin Cells) का भंडार हो सकता है। सिर्फ तकिए का कवर बदलना काफी नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकिए की अंदरूनी सफाई न करने से न केवल त्वचा की समस्याएं होती हैं, बल्कि यह एलर्जी और अस्थमा का कारण भी बन सकता है।
कितने दिनों में धोना चाहिए तकिया? जानें विशेषज्ञों की राय
आमतौर पर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आपको अपने तकिए को हर तीन से छह महीने में एक बार गहराई से साफ (Deep Clean) करना चाहिए। हालांकि, कुछ स्थितियों में इसे जल्दी धोना जरूरी हो जाता है:
एलर्जी या पसीना: अगर आपको रात में ज्यादा पसीना आता है या धूल से एलर्जी है, तो हर 2 से 3 महीने में सफाई करें।
पालतू जानवर: अगर आपके पालतू जानवर आपके बिस्तर पर बैठते हैं, तो बैक्टीरिया फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
स्किन केयर: 'अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी' के अनुसार, गंदे तकिए के कारण चेहरे पर मुंहासे (Acne) और जलन हो सकती है। इसलिए तकिए के कवर को सप्ताह में एक बार जरूर धोएं।
धोने का सही तरीका: सामग्री का रखें विशेष ध्यान
हर तकिया एक ही तरीके से साफ नहीं किया जा सकता। सफाई से पहले तकिए पर लगे 'केयर लेबल' को जरूर पढ़ें:
माइक्रोफाइबर और पंख वाले तकिए: इन्हें आमतौर पर वाशिंग मशीन में हल्के डिटर्जेंट के साथ धोया जा सकता है।
मेमोरी फोम या लेटेक्स: इन्हें मशीन में न डालें, वरना इनका आकार बिगड़ सकता है। इन्हें हल्के गर्म पानी और साबुन के कपड़े से पोंछकर साफ करें।
सुखाना है सबसे जरूरी: धोने के बाद तकिए को पूरी तरह सुखाना अनिवार्य है। अगर अंदर थोड़ी भी नमी रह गई, तो फफूंद (Mold) लग सकती है। इसे तेज धूप में सुखाना सबसे अच्छा विकल्प है।
क्या अब तकिया बदलने का समय आ गया है?
सफाई के बावजूद तकिए की एक निश्चित उम्र होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हर 1 से 2 साल में तकिया बदल देना चाहिए। यदि आपके तकिए में नीचे दी गई समस्याएं दिख रही हैं, तो समझ लें कि नया लेने का वक्त आ गया है:
गर्दन में दर्द: सुबह उठने पर गर्दन या कंधों में खिंचाव महसूस होना।
लगातार बदबू: धोने के बाद भी अगर तकिए से स्मेल न जाए।
गांठें पड़ना: तकिए के अंदर का मटेरियल इकट्ठा होकर सख्त हो गया हो।
फोल्ड टेस्ट: अपने तकिए को बीच से मोड़ें, अगर वह वापस अपने आकार में तुरंत नहीं आता, तो इसका सपोर्ट खत्म हो चुका है।
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