Prabhat Vaibhav,Digital Desk : किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में लव जिहाद और मतांतरण के प्रयास के आरोपित जूनियर रेजिडेंट रमीजुद्दीन नायक की गिरफ्तारी न होने पर मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया।
पीड़िता और उनके पिता ने बुधवार को मुख्यमंत्री से भेंट कर आरोपित की गिरफ्तारी की मांग की। मुख्यमंत्री ने पुलिस को जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए और पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और मामले में शामिल अन्य लोग पाए गए तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
जांच समिति की रिपोर्ट आज आ सकती है
केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में कथित लव जिहाद और परिसर में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के आरोपों की जांच कर रही समिति गुरुवार को कुलपति को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है।
समिति का गठन सर्जरी विभाग के प्रो. केके सिंह की अध्यक्षता में किया गया था।
रिपोर्ट सात दिनों में देने के निर्देश थे; छह दिन पूरे हो चुके हैं।
एनएमओ ने एंटी लव जिहाद संघर्ष समिति बनाई
राष्ट्रीय चिकित्सा संगठन (एनएमओ) महानगर इकाई ने कहा कि आरोपित को शह देने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं हुई।
एनएमओ ने केजीएमयू एंटी लव जिहाद संघर्ष समिति गठित की।
इसमें महिला अधिवक्ता और महिला चिकित्सक शामिल होंगी।
देशव्यापी प्रदर्शन और आंदोलन के जरिए पीड़िता को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाएगा।
विरोध और समर्थन की राजनीति
केजीएमयू में लव जिहाद मामले को लेकर विरोध और समर्थन की राजनीति भी देखने को मिली।
कुछ चिकित्सक ने जांच समिति पर सवाल उठाए और कैंडल मार्च, पुतला दहन किया।
केजीएमयू शिक्षक संघ ने इसे राजनीति से प्रेरित करार देते हुए कहा कि अवांछित प्रदर्शन से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है।
संघ ने बताया कि प्रशासन ने आरोपी को निलंबित कर परिसर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी।
अब समिति में महिला सदस्य और सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं।
मुख्य चुनौती अब भी यह है कि पीड़िता को न्याय मिलने में विलंब न हो और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हो।




