Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बुंदेलखंड मंडल की ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन मानचित्र पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बांदा के प्रसिद्ध कालिंजर किला और महोबा के मंगलगढ़ किले को पर्यटन विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इन दोनों किलों के संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई है।
पर्यटन विभाग की योजना के अनुसार, किलों की मूल संरचना से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य किले की सीमा से कम से कम 100 मीटर बाहर किया जाएगा, ताकि ऐतिहासिक स्वरूप पूरी तरह सुरक्षित रहे।
5 से 10 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए प्रत्येक किले के आसपास 5 से 10 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए किसानों और भू-स्वामियों से संपर्क शुरू कर दिया गया है। भूमि खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पर्यटकों के लिए बनेंगी आधुनिक सुविधाएं
योजना के तहत इन पर्यटन स्थलों पर रुकने के लिए होटल, थीम पार्क, वाटर लेजर पार्क, थिएटर, बुंदेली फूड प्लाजा, ओडीओपी शॉप, ओडीओसी फूड कार्नर समेत करीब 60 तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न सिर्फ पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
हर किले पर होंगे 80 करोड़ रुपये खर्च
पर्यटन विभाग के अनुसार, प्रत्येक किले को भूमि अधिग्रहण के बाद लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। उपनिदेशक पर्यटन आरके रावत ने बताया कि जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और भू-स्वामियों से बातचीत जारी है और प्रक्रिया को आपसी सहमति से पूरा किया जाएगा।
इस परियोजना के पूरा होने से बुंदेलखंड की ऐतिहासिक पहचान को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।




