Prabhat Vaibhav,Digital Desk : दुनियाभर में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। गौर करने वाली बात यह है कि सुबह 6 बजे से रात 12 बजे के बीच हार्ट अटैक के मामले ज्यादा आते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे क्या कारण है? आइए जानते हैं इसके बारे में।
सुबह के समय हार्ट अटैक का खतरा क्यों ज्यादा होता है?
एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के निदेशक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बिमल छाजेड ने बताया कि सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच हार्ट अटैक की घटनाओं में बढ़ोतरी के पीछे शरीर की सर्कैडियन रिदम (24 घंटे का जैविक चक्र) और हार्मोनल बदलाव मुख्य कारण हैं। दरअसल, सुबह के समय शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
रक्तचाप में वृद्धि: सुबह के समय रक्तचाप स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है, जिसे मॉर्निंग सर्ज कहते हैं। यह सर्ज हृदय की धमनियों पर दबाव बढ़ाता है। यदि धमनियों में पहले से ही प्लाक जमा हो गया है, तो यह रुकावट पैदा कर सकता है।
खून का गाढ़ा होना:-
रात भर शरीर से पानी निकल जाता है, जिससे सुबह खून गाढ़ा हो जाता है। इससे रक्त का थक्का बनाने में मदद करने वाली कोशिकाएँ, यानी प्लेटलेट्स, ज़्यादा सक्रिय हो जाती हैं। इससे रक्त के थक्के बनने का जोखिम बढ़ जाता है। अगर ये थक्के कोरोनरी धमनी को ब्लॉक कर देते हैं, तो दिल का दौरा पड़ सकता है।
तनाव हार्मोन का स्तर: -
सुबह के समय कॉर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे तनाव हार्मोन बढ़ जाते हैं। ये हार्मोन हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाते हैं, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
नींद से जागने का असर:-
रात में शरीर आराम की मुद्रा में होता है, लेकिन सुबह उठकर सक्रिय मुद्रा में आ जाता है। इस बदलाव के दौरान दिल को ज़्यादा ऑक्सीजन और खून की ज़रूरत होती है। अगर धमनियाँ संकरी या ब्लॉक हो जाती हैं, तो यह मांग पूरी नहीं हो पाती और दिल का दौरा पड़ने का ख़तरा बढ़ जाता है।
खराब जीवनशैली:-
जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक सेठ कहते हैं कि देर तक जागना, अधूरी नींद लेना और सुबह भारी नाश्ता करने जैसी अस्वस्थ जीवनशैली से हृदय पर दबाव बढ़ता है। साथ ही सुबह-सुबह अत्यधिक भागदौड़ भी जोखिम को बढ़ाती है।
ये संकेत दिखें तो तुरंत हो जाएं सावधान-
हार्ट अटैक अचानक भी आ सकता है, लेकिन शरीर पहले ही कुछ संकेत दे देता है। कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक, हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण सुबह के समय सीने के बीच या बाएं हिस्से में दर्द, जकड़न, भारीपन या दबाव महसूस होना है। यह दर्द कुछ मिनटों तक रह सकता है और फिर कम हो जाता है। कई बार सीने का दर्द बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है। ऐसा दर्द सुबह के समय ज्यादा तेज होता है।
अगर आपको सामान्य काम करते समय या आराम करते समय भी सांस लेने में परेशानी होती है, तो यह एक चेतावनी संकेत है। कई लोगों को दिल का दौरा पड़ने से पहले अचानक पसीना आना और सीने में तकलीफ़ महसूस होती है। यह भी दिल के दौरे का एक लक्षण हो सकता है। महिलाओं को विशेष रूप से सावधान रहने की ज़रूरत है अगर उन्हें सुबह अचानक चक्कर आना, बेहोशी या उल्टी महसूस हो।
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