Prabhat Vaibhav,Digital Desk : साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 4 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की घटना को केवल खगोलीय ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान किए गए दान का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। चंद्रमा को मन, शांति और माता का कारक माना जाता है, इसलिए इस दिन दान करने से न केवल 'चंद्र दोष' से मुक्ति मिलती है, बल्कि देवी लक्ष्मी की कृपा भी बरसती है।
चंद्र दोष से मुक्ति के लिए सफेद वस्तुओं का दान
चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से है। इस चंद्र ग्रहण के अवसर पर सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी, दूध और दही का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि आप सफेद वस्त्रों का दान करते हैं, तो इससे जीवन में सौभाग्य की वृद्धि होती है। ज्योतिषियों के अनुसार, सफेद चीजों के दान से मानसिक तनाव दूर होता है और पारिवारिक संबंधों में मधुरता आती है।
मानसिक शांति के लिए चांदी और मोती का महत्व
जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर स्थिति में है या राहु-केतु के साथ युति बना रहा है, उनके लिए चांदी या मोती का दान करना संजीवनी के समान है। चांदी का सिक्का या मोती दान करने से मन की घबराहट दूर होती है और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है। यह दान आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
अन्न दान से मिलेगा देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद
सनातन धर्म में 'अन्न दान' को महादान की संज्ञा दी गई है। चंद्र ग्रहण के दिन किसी जरूरतमंद को भोजन कराना या कच्चा राशन (सीधा) दान करना आपके संचित पुण्यों में वृद्धि करता है। माना जाता है कि ग्रहण के बाद शुद्ध होकर भोजन का दान करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती और दरिद्रता का नाश होता है।
दीप दान: जीवन से मिटेगा अंधकार
ग्रहण काल की समाप्ति के बाद किसी पवित्र नदी के तट पर या मंदिर में मिट्टी का दीपक जलाना 'दीप दान' कहलाता है। यह दान आपके जीवन से अज्ञानता के अंधेरे को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। यदि आप नदी किनारे नहीं जा सकते, तो घर के मुख्य द्वार या तुलसी के पास दीपक जलाकर चंद्रमा का ध्यान करें, इससे भी अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है।
धन और दक्षिणा का दान
अपनी सामर्थ्य के अनुसार धन का दान करना भी इस दिन श्रेष्ठ फलदायी है। ग्रहण के बाद किसी ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को श्रद्धापूर्वक दक्षिणा देने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं। यह दान सीधे तौर पर देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने का माध्यम माना जाता है, जिससे आपकी आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।




