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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पटना विश्वविद्यालय (PU) के छात्रावासों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और वर्चस्व की लड़ाई पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बुधवार देर रात बड़ा एक्शन लिया है। सिटी एसपी मध्य के निर्देश पर कई थानों की पुलिस ने एक साथ यूनिवर्सिटी हॉस्टलों में छापेमारी की। इस कार्रवाई से पूरे कैंपस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने नशे की हालत में 8 छात्रों को गिरफ्तार किया है, जिनमें साइंस कॉलेज बमबाजी कांड का मुख्य आरोपी भी शामिल है।

बमबाजी कांड का आरोपी साहिल कुमार चढ़ा पुलिस के हत्थे

इस छापेमारी की सबसे बड़ी कामयाबी साल 2025 में साइंस कॉलेज कैंपस स्थित हॉस्टल में हुए बमबाजी कांड के आरोपी साहिल कुमार उर्फ विष्णु की गिरफ्तारी है। साहिल लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। पीरबहोर थाना पुलिस ने साहिल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में कैंपस के भीतर छिपे अन्य आपराधिक तत्वों और हथियारों के नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में शराब पीने की हुई पुष्टि

पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान संदिग्ध हालत में मिले छात्रों को हिरासत में लिया और थाने लाकर उनकी अल्कोहल जांच की। ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में 8 छात्रों के शराब पीने की पुष्टि हुई है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून के तहत इन सभी छात्रों पर केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने हॉस्टलों के कमरों की गहन तलाशी भी ली, हालांकि इस दौरान कोई अन्य आपत्तिजनक सामग्री या हथियार बरामद नहीं हुए।

5 थानों की पुलिस ने घेरा कैंपस, भागने की कोशिश नाकाम

कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीरबहोर, गांधी मैदान, कदमकुआं, बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाना की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। सिटी एसपी मध्य भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने हॉस्टलों की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी थी। पुलिस की भारी मौजूदगी देखकर कई छात्रों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें दबोच लिया।

छात्र संघ चुनाव के बीच पुलिसिया सख्ती से मची खलबली

यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मियां तेज हैं। मैथिली विभाग के एक छात्र द्वारा अध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने की चर्चा के बीच इस कार्रवाई ने चुनावी माहौल को भी प्रभावित किया है। चुनाव पदाधिकारी द्वारा 19 फरवरी को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) की जानी है। पुलिस का कहना है कि कैंपस में अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।