Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के एक फैसले — जो वित्त सचिव के जारी आदेश से जुड़ा था — पर अस्थायी रोक लगा दी है और सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायालय ने सुनवाई के दौरान दिया है, यानी अभी तक मामले की पूर्ण सुनवाई और अंतिम निर्णय बाकी है।
इस तरह का स्टे आदेश तब दिया जाता है जब न्यायालय यह देखने चाहता है कि संबंधित सरकारी आदेश वैधानिक है या संविधान के अनुरूप नहीं, और इस दौरान उसके कार्यान्वयन को रोक दिया जाता है ताकि उसके प्रभावों पर आगे की सुनवाई से पहले रोक लग सके। उत्तराखंड हाईकोर्ट देश के 18वें उच्च न्यायालय के रूप में नैनीताल में स्थित है, जहाँ विभिन्न प्रशासन और सरकारी नीतियों संबंधी मामलों की अविलंब सुनवाई होती है।
अब अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और कहा है कि सरकार को एक सप्ताह के भीतर अपने पक्ष का जवाब पेश करना होगा, ताकि कोर्ट तय कर सके कि क्या स्टे को आगे भी बरकरार रखना है या आदेश को लागू होने देना है — यह पूरी प्रक्रिया अदालत के फैसले के आधार पर आगे बढ़ेगी।
यह मामला न्यायिक समीक्षा (judicial review) के दायरे में आता है, जहाँ अदालत सरकारी आदेशों की वैधता, संवैधानिकता, और उनके प्रभावों पर निर्णय देती है। ऐसे मामलों में कानूनी तर्क, पूर्व आदेश और संवैधानिक सिद्धांतों को मुख्य आधार बनाया जाता है।




