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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन शांति के बजाय अब 'परमाणु युद्ध' की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक संभावित योजना ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ईरान के परमाणु संयंत्रों में जमा 400 किलोग्राम (लगभग 1,000 पाउंड) संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को जब्त करने के लिए एक बेहद खतरनाक सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहा है।

क्यों है 400 किलो यूरेनियम पर अमेरिका की नजर?

अमेरिका और उसके सहयोगियों को सबसे बड़ा डर यह है कि ईरान इस संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) बनाने के लिए कर सकता है।

ट्रंप का रुख: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु शक्ति संपन्न देश नहीं बनने देंगे।

जब्ती की योजना: पेंटागन ऐसी रणनीति बना रहा है जिसमें अमेरिकी विशेष बल (Special Forces) ईरान के भीतर घुसकर इस यूरेनियम को अपने कब्जे में लेकर वापस आ सकें।

'ऑपरेशन खारग': तेल के केंद्र पर कब्जे की धमकी

'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने एक और चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र, खारग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जा कर सकता है।

रणनीतिक महत्व: ईरान के तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा इसी द्वीप से होता है। इस पर कब्जे का मतलब होगा ईरान की आर्थिक रीढ़ की हड्डी तोड़ना।

ट्रंप का तर्क: ट्रंप का मानना है कि इस द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "हम इस पर कब्जा कर भी सकते हैं और नहीं भी, हमारे पास कई विकल्प खुले हैं।"

मैदान में उतरे 10,000 सैनिक, पेंटागन ने बढ़ाई ताकत

अमेरिकी राष्ट्रपति की इन धमकियों के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है:

सैनिकों की तैनाती: पेंटागन ने 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के आदेश दिए हैं।

ताजा अपडेट: अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, 2,500 मरीन सहित 3,500 से अधिक सैनिक पहले ही मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं।

जोखिम: सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यूरेनियम जब्त करने या द्वीप पर कब्जा करने जैसे ऑपरेशन के लिए अमेरिकी सेना को ईरानी धरती पर कई दिनों तक रुकना पड़ सकता है, जो एक पूर्ण युद्ध (Full-Scale War) को जन्म दे सकता है।

क्या यह युद्ध नहीं, 'बड़े युद्ध' की तैयारी है?

विशेषज्ञों के अनुसार, 400 किलो यूरेनियम को हथियाने की कोशिश केवल एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' नहीं होगी, बल्कि यह ईरान के पूरे परमाणु बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की शुरुआत हो सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप इन ऑपरेशनों में अमेरिकी सैनिकों के लिए जोखिमों का आकलन कर रहे हैं, लेकिन 'जरूरत' पड़ने पर वे कड़ा फैसला लेने से पीछे नहीं हटेंगे।