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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग में अनुशासनहीनता और लंबे समय से गैरहाजिर रहने वाले चार कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। राज्य कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने ‘डीम्ड इस्तीफा नियम’ के तहत तीन इंस्पेक्टरों और एक क्लर्क पर यह कार्रवाई की है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए रखेगी। जांच में सामने आया कि ये कर्मचारी एक साल से अधिक समय से बिना वैध कारण के अपने पदों पर उपस्थित नहीं हुए थे।

वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री चीमा ने कहा,

“जनसेवा में उपस्थिति और जिम्मेदारी निभाना हर सरकारी कर्मचारी का मूल कर्तव्य है। लंबी अनुपस्थिति से विभागीय कार्य प्रभावित होता है और जनता को परेशानी होती है। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

कार्रवाई का विवरण

जालंधर-2 रेंज का इंस्पेक्टर: 15 मार्च 2023 से लगातार गैरहाजिर।

रोपड़ रेंज का दूसरा इंस्पेक्टर: 24 जून 2023 से निलंबन में होने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटा।

रोपड़ रेंज का तीसरा इंस्पेक्टर: 29 मई 2021 से एक्स-इंडिया छुट्टी समाप्त होने के बाद गायब।

क्लर्क: एक वर्ष से अधिक समय से अनुपस्थित।

इन सभी मामलों में विभाग ने कई नोटिस जारी किए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीम्ड इस्तीफा नियम के तहत बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए।

डीम्ड इस्तीफा क्या है?

डीम्ड इस्तीफा उस स्थिति में माना जाता है जब कर्मचारी 12 माह से अधिक बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है। यह नियम पंजाब सिविल सेवा (सजा एवं अपील) नियमावली के तहत लागू किया जाता है।

सरकार का संदेश

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस रहेगा। सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निर्वहन करें।

सरकार ने हाल ही में कई विभागों में अनुशासनात्मक कार्रवाई तेज की है। इन मामलों में प्रमोशन और वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई जा रही है।

वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, राज्य स्तर पर सैकड़ों ऐसे मामलों की समीक्षा चल रही है, जिनमें लंबी अनुपस्थिति वाले कर्मचारियों पर इसी तरह की कार्रवाई की संभावना है।