Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में अपने संगठनात्मक ढांचे में एक चौंकाने वाला बदलाव किया है। पार्टी ने अपने सबसे युवा और प्रखर चेहरे राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता (Deputy Leader) पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब से राज्यसभा सांसद और शिक्षाविद डॉ. अशोक मित्तल को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को औपचारिक पत्र भेजकर फेरबदल की पुष्टि कर दी है।
राघव चड्ढा पर 'दोहरी' कार्रवाई: सदन में बोलने का हक भी छिना?
पार्टी द्वारा राज्यसभा सचिवालय को भेजे गए पत्र में न केवल पद परिवर्तन का जिक्र है, बल्कि एक कड़ा निर्देश भी दिया गया है। पत्र में अनुरोध किया गया है कि राघव चड्ढा को अब आम आदमी पार्टी के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए। इस निर्देश के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।
33 वर्ष की उम्र में राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य बने राघव चड्ढा संसद में अपनी आक्रामक शैली और जनहित के मुद्दों (जैसे डिलीवरी बॉयज की समस्याएं और पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी) को उठाने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने एक दिन के लिए डिलीवरी बॉय बनकर कामगारों का दर्द समझने की कोशिश भी की थी।
डॉ. अशोक मित्तल पर पार्टी का भरोसा
राघव चड्ढा की जगह लेने वाले डॉ. अशोक मित्तल पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर और एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं। साल 2022 में राज्यसभा पहुंचे डॉ. मित्तल को पार्टी ने अब उपनेता बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। माना जा रहा है कि उनकी तार्किक और संतुलित कार्यशैली के जरिए पार्टी उच्च सदन में अपनी रणनीति को और अधिक प्रभावी ढंग से पेश करना चाहती है।
AAP का राज्यसभा गणित
वर्तमान में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य हैं। इनमें से 7 सदस्य पंजाब से और 3 दिल्ली से हैं। राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 2012 में अरविंद केजरीवाल के साथ की थी और वे पार्टी के सबसे युवा कोषाध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं। 2022 में उनका राज्यसभा जाना पार्टी की बड़ी उपलब्धि माना गया था, लेकिन अब इस पद से उनकी विदाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।




