Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई शांति वार्ता किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुँच पाई। हालाँकि, इस बैठक में शक्ति प्रदर्शन का एक अनोखा उदाहरण देखने को मिला। ट्रंप ने अपने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर को उड़ाकर अपनी ताकत दिखाई, जिसका जवाब पुतिन ने भी अपने शक्तिशाली टीयू-95एमएस बॉम्बर को उड़ाकर एक स्पष्ट संदेश दिया। यह सब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की वाशिंगटन यात्रा से पहले हुआ, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच हुई मुलाक़ात में यूक्रेन युद्ध पर कोई ठोस हल तो नहीं निकला, लेकिन दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन ज़रूर किया। ट्रंप ने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर उड़ाया, जिसका जवाब रूस ने अपने टीयू-95एमएस बॉम्बर का प्रदर्शन करके दिया। इसके बाद ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं ने वाशिंगटन में ट्रंप से मुलाक़ात की, जहाँ एक शांति प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस प्रस्ताव में पुतिन यूक्रेन के पूर्वी हिस्से पर अपना दावा छोड़ने को तैयार हैं, जिसके बदले में यूक्रेन को भी ज़मीन छोड़नी होगी। यूरोपीय नेताओं को चिंता है कि ट्रंप, ज़ेलेंस्की पर पुतिन की शर्तें मानने का दबाव नहीं डालेंगे।
अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच वार्ता शुरू होने से पहले ही, अमेरिकी वायु सेना ने ट्रंप के निर्देश पर बी-2 स्टील्थ बॉम्बर और एफ-22 रैप्टर जेट उड़ाकर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया। जवाब में, रूस ने भी ज़ेलेंस्की की व्हाइट हाउस यात्रा से पहले अपने लंबी दूरी के टीयू-95एमएस बमवर्षक विमानों का प्रदर्शन करके अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। टीयू-95एमएस बमवर्षक की मारक क्षमता 15,000 किलोमीटर तक है और यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है, जो रूस की गंभीरता का संकेत है।
शांति प्रस्ताव और यूरोपीय चिंताएँ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक के बाद पुतिन ने एक शांति प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत यूक्रेन को पूर्व के कुछ इलाकों पर अपना दावा छोड़ना होगा। बदले में रूस यूक्रेन के कब्जे वाले छोटे इलाकों को वापस कर सकता है। माना जा रहा है कि ट्रंप इस शर्त पर आंशिक रूप से सहमत हो गए हैं। ज़ेलेंस्की के साथ, यूरोपीय संघ के नेता भी इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए वाशिंगटन पहुँचे हैं, जिनमें नाटो महासचिव मार्क रूट और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भी शामिल हैं।
यूरोपीय नेताओं को डर है कि पुतिन के प्रति नरम रुख रखने वाले ट्रंप, ज़ेलेंस्की पर किसी भी समझौते को स्वीकार करने के लिए दबाव डाल सकते हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के हितों की रक्षा करना है, ताकि युद्ध समाप्त करने के लिए कोई अनुचित समझौता न हो।
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