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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सुपौल (बिहार) में सरकार की नई फार्मर ID (किसान पहचान) व्यवस्था लागू होने के बाद कई किसानों को परेशानी हो रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ पाने के लिए अब यूनिक फार्मर ID बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। लेकिन कुछ किसानों के मामले में जमाबंदी (भूमि रिकॉर्ड) सही तरीके से एक-समान नाम या रिकॉर्ड में दर्ज न होने की वजह से उनकी ID प्रक्रिया रुक गयी है, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है। 

स्थानीय स्तर पर संयुक्त जमाबंदी रिकॉर्ड का मतलब है कि जमीन एक से अधिक सदस्यों के नाम पर है या रिकॉर्ड में ठीक ढंग से नाम दर्ज नहीं है। ऐसे मामलों में राजस्व विभाग सत्यापन लंबा ले रहा है, और जब तक भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह से फार्मर ID से जुड़कर सत्यापित नहीं होता, किसानों की डिजिटल पहचान फाइनल नहीं हो पाती। इससे कई किसानों को PM किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त पाने में रुकावट आ सकती है। 

इसके लिए राज्य सरकार और कृषि/राजस्व विभाग पंचायतों और गांव स्तर पर फार्मर रजिस्ट्रेशन कैंप लगा रहे हैं, जहाँ किसान आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, जमाबंदी और खेसरा दस्तावेज लेकर अपने रिकॉर्ड मेल कराने की कोशिश कर रहे हैं। 

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना Farmer ID पंजीकरण पूरा कर लें, ताकि फरवरी में आने वाली योजना की राशि पा सकें। बिहार सरकार ने फार्मर ID रजिस्ट्री की अंतिम तिथि को 10 जनवरी तक बढ़ाया है ताकि अधिक किसानों को मदद मिल सके।