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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पूस महीने में गुरुवार को पहली बार मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही पूरा जिला घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और दोपहर में भी ठिठुरन वाली सर्दी महसूस की गई। मौजूदा सर्दी के मौसम में यह दिन अब तक का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ।

घने कोहरे के चलते दिन के तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शाम ढलते ही गलन और बढ़ गई और पांच बजे के बाद फिर हल्का कोहरा छा गया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाम के समय आर्द्रता का स्तर 92 प्रतिशत तक पहुंच गया।

अभी जारी रहेगा ठंड का असर

मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। इस दौरान अधिकतम तापमान में और गिरावट आ सकती है और हल्के से मध्यम कोहरे के बने रहने के आसार हैं। हालांकि रविवार से तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। ठंड के असर का सीधा प्रभाव यातायात पर भी दिखा। बस स्टैंड पर यात्री वाहनों की संख्या कम रही और यात्रियों की आवाजाही भी घट गई।

रबी फसलों के लिए राहत भरा मौसम

मौसम में आए इस बदलाव को किसान रबी फसलों के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं, सरसों, चना और मसूर जैसी फसलों के लिए ठंड और हल्का कुहासा अनुकूल होता है। इससे खेतों में नमी बनी रहती है और फसल की बढ़वार अच्छी होती है।
हालांकि, अगर कोहरा लंबे समय तक बना रहा तो फसलों में कीट और रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल मौसम संतुलित बताया जा रहा है, जो खासकर गेहूं की फसल के लिए बेहतर माना जाता है।

कोहरे ने थामी सड़कों की रफ्तार

घने कोहरे का असर गांव से लेकर शहर तक साफ नजर आया। कई इलाकों में दृश्यता घटकर सिर्फ 10 मीटर तक रह गई। राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्गों पर वाहन बेहद धीमी गति से चलते दिखे।
सुबह छह बजे से ही कोहरा इतना घना था कि सामने से आ रहे वाहन दिखाई नहीं दे रहे थे। एनएच-139 सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर दिन में भी वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
स्कूल बसों और दफ्तर जाने वाले लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह की पाली वाले स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी सामान्य से कम रही।