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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : भोजपुर जिले में सूरज के तल्ख तेवरों और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिला दंडाधिकारी सह डीएम तनय सुल्तानिया ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 5 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर दोपहर 12:30 बजे के बाद रोक लगा दी है।

इन पर लागू होगा आदेश

यह पाबंदी केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है। प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, यह आदेश निम्नलिखित संस्थानों पर प्रभावी होगा:

सभी सरकारी एवं निजी प्री-स्कूल (Pre-schools)

सभी आंगनबाड़ी केंद्र

कक्षा 1 से 5 तक के सभी सरकारी व निजी विद्यालय

22 अप्रैल से लागू होगा नया नियम

भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के खतरे को देखते हुए यह आदेश 22 अप्रैल (बुधवार) से प्रभावी होगा और फिलहाल 25 अप्रैल तक लागू रहेगा। डीएम ने स्पष्ट किया है कि दोपहर की चिलचिलाती धूप बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है, इसलिए 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023' की धारा-163 के तहत यह कदम उठाया गया है। स्कूल प्रबंधकों को अपनी समय-सारणी इस तरह बदलने को कहा गया है कि साढ़े बारह बजे के बाद कोई भी गतिविधि न हो। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एकवारी: नामांकन न होने से 180 छात्रों का भविष्य अधर में

एक तरफ गर्मी का प्रकोप है, तो दूसरी तरफ सहार प्रखंड के एकवारी आदर्श स्कूल में नामांकन की समस्या ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या है मामला: एकवारी पंचायत के विभिन्न मध्य विद्यालयों से आठवीं पास लगभग 180 से 200 छात्र अब तक नवमीं कक्षा (9th Standard) में नामांकन से वंचित हैं।

20 दिन से इंतजार: सत्र शुरू हुए 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन नामांकन प्रक्रिया शुरू न होने से छात्र और अभिभावक आक्रोशित हैं।

प्रशासन का पक्ष: स्कूल की प्रधानाध्यापिका मधुबाला कुमारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुमार गौरव ने बताया कि मॉडल स्कूल में केवल प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों का ही नामांकन लिया जा रहा है। असफल या अन्य छात्र अपने नजदीकी उच्च विद्यालयों (High Schools) में दाखिला ले सकते हैं।

अभिभावकों के लिए जरूरी सुझाव (Heatwave Safety)

गर्मी के इस मौसम में बच्चों को लू से बचाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाकर ही स्कूल भेजें।

स्कूल से घर लौटते समय बच्चों का सिर और चेहरा सूती कपड़े से ढका होना चाहिए।

दोपहर में बच्चों को बाहर खेलने से रोकें।