Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों के लिए इन दिनों घर की रसोई संभालना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की भारी किल्लत ने हाहाकार मचा दिया है। स्थिति यह है कि उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन उन्हें रिफिल नहीं मिल पा रही है। प्रशासन की ओर से आपूर्ति सुचारू होने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट नजर आ रही है। खाली सिलिंडरों की लंबी कतारें अब बिहार के लगभग हर शहर और कस्बे की पहचान बनती जा रही हैं।
एजेंसियों पर लगी लंबी कतारें, घंटों इंतजार के बाद भी निराशा
राजधानी पटना सहित मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गया जैसे बड़े शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह चार बजे से ही लोग कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। डिजिटल बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। कई इलाकों में तो बुकिंग के 15 से 20 दिन बाद भी गैस का अता-पता नहीं है। गृहणियों का कहना है कि गैस न होने के कारण उन्हें वैकल्पिक ईंधनों या महंगे दामों पर बाहर से खाना मंगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वितरण प्रणाली में आई इस सुस्ती ने आम आदमी के घरेलू बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी के दावों की खुली पोल
हैरानी की बात यह है कि एक ओर जहां आम जनता परेशान है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन और आपूर्ति विभाग सब कुछ सामान्य होने का राग अलाप रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बॉटलिंग प्लांट से सप्लाई में कोई कमी नहीं है, लेकिन हकीकत में वितरकों के पास स्टॉक खत्म हो चुका है। जानकारों का मानना है कि ट्रांसपोर्टेशन में आई रुकावट या फिर सिलिंडरों की जमाखोरी इस कृत्रिम किल्लत की बड़ी वजह हो सकती है। प्रशासन की मॉनिटरिंग टीम अब तक इस समस्या की जड़ तक पहुँचने और कालाबाजारी रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में बढ़ी मुश्किलें
शादी-ब्याह और आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व इस किल्लत का फायदा उठाकर गैस सिलिंडरों को ऊंचे दामों पर ब्लैक मार्केट में बेच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी बदतर है, जहां लोग लकड़ी और उपलों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। आम जनता अब सरकार से मांग कर रही है कि सप्लाई चेन की खामियों को दूर किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि हर घर तक रसोई गैस की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
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