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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे 'गंगा एक्सप्रेसवे' के लोकार्पण के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के किसानों के प्रति अपना सिर झुकाया। सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि यह महापरियोजना केवल कंक्रीट की सड़क नहीं, बल्कि एक लाख से अधिक किसानों के त्याग और सहयोग की मिसाल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अन्नदाताओं की सक्रिय भागीदारी के बिना इस विकास पथ की कल्पना भी असंभव थी।

18 हजार एकड़ जमीन और अन्नदाताओं का बड़प्पन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंकड़ों के जरिए किसानों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि मेरठ से प्रयागराज तक के सफर को सुगम बनाने के लिए 12 जनपदों के 1,18,000 से अधिक किसानों ने अपनी लगभग 18,000 एकड़ जमीन सरकार को सौंपी। सीएम ने कहा, "मैं उन सभी अन्नदाता किसानों का हार्दिक शुक्रिया अदा करता हूं, जिनके सहयोग से यह प्रोजेक्ट हकीकत बन पाया। यह एक्सप्रेसवे यूपी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला गेम चेंजर साबित होगा।"

औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब के लिए 7 हजार एकड़ सुरक्षित

मुख्यमंत्री ने भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए बताया कि एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सिर्फ गाड़ियां ही नहीं दौड़ेंगी, बल्कि रोजगार की फैक्ट्रियां भी लगेंगी। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए 7,000 एकड़ जमीन अलग से रिजर्व की गई है। यह कदम स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा करेगा और पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से व्यापारिक रूप से जोड़ देगा।

2017 से पहले का 'अंधकार' और आज का एक्सप्रेसवे नेटवर्क

विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश परिवारवाद, जातिवाद, दंगों और माफिया राज की जकड़न में था। उस वक्त नए निवेश या विकास की कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था। उन्होंने गर्व से कहा, "पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि आज यूपी में एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रामीण सड़कों का 4 लाख किलोमीटर का बेहतरीन नेटवर्क तैयार है। यह एक्सप्रेसवे आस्था, संस्कृति और समृद्धि का पथ है।"

भक्त प्रह्लाद की तपोभूमि हरदोई से विकास को नई उड़ान

मुख्यमंत्री ने हरदोई की धरती को नमन करते हुए कहा कि यह भगवान नरसिंह और भक्त प्रह्लाद की पावन धरा है। उन्होंने कहा कि 'देवी सुरेश्वरी, भगवती गंगे!' के आशीर्वाद से गंगा एक्सप्रेसवे देश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह 'जीवन रेखा' गांव, किसान और उद्यम के बीच की दूरी को खत्म कर देगी। आज यूपी इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी के साथ-साथ इनलैंड वाटर-वे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिए अपनी असीम संभावनाओं (Unlimited Potential) को नई उड़ान दे रहा है।