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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश का नया केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-28 में 350 एकड़ में विकसित मेडिकल डिवाइस पार्क अब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक औद्योगिक इकोसिस्टम के रूप में आकार ले चुका है।

101 प्लॉट्स का आवंटन, निर्माण शुरू

पार्क में 100 से अधिक प्लॉट्स का आवंटन पहले ही किया जा चुका है, और एक दर्जन इकाइयों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही यहां मेडिकल इक्विपमेंट का उत्पादन शुरू होने की संभावना प्रबल है। कुल 188.15 एकड़ भूमि पर 203 प्लॉट्स विकसित किए गए, जिनमें से 101 प्लॉट्स का आवंटन पूर्ण हुआ है। 85 निवेशकों ने लीज प्लान जमा कर दिया है और 62 निवेशकों की लीज डीड पूरी हो चुकी है।

समग्र औद्योगिक मॉडल और सुविधाएं

YEIDA पार्क को केवल फैक्ट्रियों का समूह नहीं, बल्कि मॉडर्न इंडस्ट्रियल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां उत्पादन के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। सुविधाओं का वितरण इस प्रकार है:

ग्रीन एरिया: 18.66 एकड़

कॉमन फैसिलिटी एरिया: 46.43 एकड़

पार्किंग व रोड नेटवर्क: 79.10 एकड़

वेयरहाउस और कमर्शियल जोन: लगभग 14 एकड़

निवेश के द्वार फिर खुले

जो उद्यमी इस औद्योगिक हब का हिस्सा बनना चाहते हैं, उनके लिए YEIDA ने 12 जनवरी 2026 से नए आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना में कुल 22 नए प्लॉट प्रस्तावित हैं, जिनके आकार 1000 से 5940 वर्गमीटर तक हैं। इच्छुक निवेशक 11 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का कहना है कि इस रणनीतिक लोकेशन और आगामी जेवर एयरपोर्ट के कारण यह पार्क जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय पहचान हासिल करेगा। परियोजना न केवल मेडिकल डिवाइस के आयात पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।